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परियोजनाओं को मिली गति, काशी के विकास में प्रगति
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वाराणसी। दो साल का कार्यकाल मंगलवार को पूरा करने वाली प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वाराणसी में चल रही हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति दी। यही कारण है कि दो साल में यहां के विकास कार्यो जमीन पर उतर पाए। सरकार का फोकस केंद्र और राज्य सरकार की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर रहा। सबसे अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री ने वाराणसी के विकास कार्यो की निगरानी पर किसी पर भरोसा किए बिना खुद यहां दौरे किए।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के सफल आयोजन के जरिए प्रदेश सरकार ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई। दुनिया भर से आए प्रवासी मेहमानों के बीच प्राचीन काशी के बदलते स्वरुप को दिखाया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम के लिए जमीन अधिग्रहण पूरा कर उसके भूमि पूजन तक के कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ की सड़क परिवहन मंत्रालय के बाबतपुर फोरलेन और रिंग रोड ने यहां के विकास की तस्वीर को साफ किया है। स्मार्ट सिटी के तहत काशी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए शहर के यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रभावी प्रयास किया गया है। मंडुवाडीह फ्लाईओवर, गोइठहां व दीनापुर एसटीपी, रामनगर में पराग दुग्ध प्लांट, जल आपूर्ति की परियोजनाएं इसी सरकार के कार्यकाल में वाराणसी को मिले हैं। हालांकि वाराणसी से जुड़ी विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए लगातार अधिकारियों के कामों की समीक्षा की, मगर कई विभाग सरकार की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाए हैं। शहर की साफ सफाई, शाही नाले की सफाई, कान्हा उपवन सहित कई काम मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद भी समय पर पूरे नहीं हो पाए।
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन के सफल आयोजन के जरिए प्रदेश सरकार ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई। दुनिया भर से आए प्रवासी मेहमानों के बीच प्राचीन काशी के बदलते स्वरुप को दिखाया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम के लिए जमीन अधिग्रहण पूरा कर उसके भूमि पूजन तक के कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ की सड़क परिवहन मंत्रालय के बाबतपुर फोरलेन और रिंग रोड ने यहां के विकास की तस्वीर को साफ किया है। स्मार्ट सिटी के तहत काशी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए शहर के यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रभावी प्रयास किया गया है। मंडुवाडीह फ्लाईओवर, गोइठहां व दीनापुर एसटीपी, रामनगर में पराग दुग्ध प्लांट, जल आपूर्ति की परियोजनाएं इसी सरकार के कार्यकाल में वाराणसी को मिले हैं। हालांकि वाराणसी से जुड़ी विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए लगातार अधिकारियों के कामों की समीक्षा की, मगर कई विभाग सरकार की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाए हैं। शहर की साफ सफाई, शाही नाले की सफाई, कान्हा उपवन सहित कई काम मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद भी समय पर पूरे नहीं हो पाए।
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