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घर-घर खिलाई जाएगी फाइलेरिया की दवा
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वाराणसी। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 20 फरवरी से जिले में विशेष अभियान की शुरुआत होगी। उत्तर प्रदेश में बनारस से शुरू होने वाले अभियान में स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के साथ ही घर-घर जाकर लोगों को दवाइयां खिलाई जाएंगी। इसके लिए 1125 बूथ और नौ ट्रांजिट बूथ बनाए गए हैं, जहां से लोगों में दवाओं का वितरण होगा। सोमवार को नदेसर स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला में सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि लोगों को समय पर उपचार कराने आदि के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत नए ट्रिपल ड्रग सिस्टम आईडीए (आईवेरमेक्टिन, डाईइथाइलकार्बामोजन साइट्रेट और एलबेंडाजोल) को भी अभियान में लागू किया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि 20 से 24 फरवरी तक घर-घर चले अभियान में छूटे हुए लोगों को 25-26 फरवरी को मॉप अप राउंड में कवर किया जाएगा। लिम्फैटिक फाइलेरियासिस या हाथीपांव रोग यूपी समेत 16 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में फैला है।
संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया के 1,23,793 मामले सामने आये हैं, जिसमें बनारस में लिंफोइडिमा के 557 और हाइड्रोसील के 438 मामले दर्ज किए गए हैं। 2018-19 में कराए गए सर्वे में औसतन 9 से 16 प्रतिशत लोगों में माइक्रो फाइलेरिया मिला है। इस बाबत आयोजित कार्यशाला में लोगों को जागरूकता के लिए वीडियो भी दिखाया गया। इसमें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, बीएचयू कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, विधायक रविंद्र जायसवाल, आईएमए सचिव डॉ. मनीषा सिंह, बीएचयू से प्रो. श्याम सुंदर, अमनदीप सिंह, डॉ. प्रीतम रॉय, रनपाल सिंह, अमित कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत नए ट्रिपल ड्रग सिस्टम आईडीए (आईवेरमेक्टिन, डाईइथाइलकार्बामोजन साइट्रेट और एलबेंडाजोल) को भी अभियान में लागू किया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि 20 से 24 फरवरी तक घर-घर चले अभियान में छूटे हुए लोगों को 25-26 फरवरी को मॉप अप राउंड में कवर किया जाएगा। लिम्फैटिक फाइलेरियासिस या हाथीपांव रोग यूपी समेत 16 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में फैला है।
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संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया के 1,23,793 मामले सामने आये हैं, जिसमें बनारस में लिंफोइडिमा के 557 और हाइड्रोसील के 438 मामले दर्ज किए गए हैं। 2018-19 में कराए गए सर्वे में औसतन 9 से 16 प्रतिशत लोगों में माइक्रो फाइलेरिया मिला है। इस बाबत आयोजित कार्यशाला में लोगों को जागरूकता के लिए वीडियो भी दिखाया गया। इसमें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, बीएचयू कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, विधायक रविंद्र जायसवाल, आईएमए सचिव डॉ. मनीषा सिंह, बीएचयू से प्रो. श्याम सुंदर, अमनदीप सिंह, डॉ. प्रीतम रॉय, रनपाल सिंह, अमित कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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