{"_id":"5c2e7261bdec2256cd7e2029","slug":"191546547809-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौदह दिन बाद देनी है रिपोर्ट, रफ्तार धीमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौदह दिन बाद देनी है रिपोर्ट, रफ्तार धीमी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह पर कार्रवाई के लिए गठित जांच कमेटी की जांच पूरी होने में बस चौदह दिन बाकी है लेकिन जांच की रफ्तार बहुत धीमी है। उधर डीएम की पहल पर धरना स्थगित करने वाले छात्रों ने 17 दिसंबर को जारी आदेश के समय ही एक महीने के भीतर जांच न होने पर दुबारा अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।
विश्वविद्यालय परिसर में नर्सिंग छात्रा की पिटाई सहित छात्रों पर पहले से दर्ज मुकदमे आदि को लेकर छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय पर 30 नवंबर से 17 दिसंबर तक धरना दिया। इसके लिए चीफ प्रॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए छात्र कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे लेकिन केवल आश्वासन हीं मिला।
कई चरण की बातचीत के बाद जब छात्र नहीं माने तो 17 दिसंबर को डीएम सुरेंद्र सिंह विश्वविद्यालय पहुंचे और कुलपति समेत अन्य अधिकारियों संग बातचीत की, इसके बाद छात्रों की मांगों पर लिखित आदेश जारी हुआ। छात्र अधिष्ठाता की ओर से जारी आदेश में चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ एक महीने के भीतर जांच पूरी करने, नर्सिंग छात्रों पर लंका थाने में दर्ज मुकदमे में अग्रिम कार्रवाई न होने, पहले से निलंबित, निष्कासित छात्रों के मामले में एक दूसरी जांच समिति गठित करने का जिक्र किया गया था। सूत्रों की माने तो जांच समिति की ओर से अब तक केवल छात्रों को ही बुलाया गया है, जिसमें छात्रों ने प्रमाण के साथ अपना बयान दर्ज कराया है। जांच समिति में छात्रों ने तो अपना बयान दर्ज करा दिया है, अब वह एक महीने पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक चीफ प्रॉक्टर का मामले में बयान नहीं दर्ज किया जा सका है। ऐसे में एक महीने के भीतर जांच पूरी हो जाएगी, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
विज्ञापन
बीएचयू छात्रों ने बदायूं से सपा सांसद धमेंद्र यादव से मिलकर चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन से अवगत कराया। समाजवादी छात्रसभा के आशुतोष सिंह यीशु के नेतृत्व में सांसद से मिलने गए छात्रों ने वस्तुस्थिति से अवगत कराया। बताया कि संासद ने मामले को लोकसभा में उठाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय परिसर में नर्सिंग छात्रा की पिटाई सहित छात्रों पर पहले से दर्ज मुकदमे आदि को लेकर छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय पर 30 नवंबर से 17 दिसंबर तक धरना दिया। इसके लिए चीफ प्रॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए छात्र कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे लेकिन केवल आश्वासन हीं मिला।
विज्ञापन
कई चरण की बातचीत के बाद जब छात्र नहीं माने तो 17 दिसंबर को डीएम सुरेंद्र सिंह विश्वविद्यालय पहुंचे और कुलपति समेत अन्य अधिकारियों संग बातचीत की, इसके बाद छात्रों की मांगों पर लिखित आदेश जारी हुआ। छात्र अधिष्ठाता की ओर से जारी आदेश में चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ एक महीने के भीतर जांच पूरी करने, नर्सिंग छात्रों पर लंका थाने में दर्ज मुकदमे में अग्रिम कार्रवाई न होने, पहले से निलंबित, निष्कासित छात्रों के मामले में एक दूसरी जांच समिति गठित करने का जिक्र किया गया था। सूत्रों की माने तो जांच समिति की ओर से अब तक केवल छात्रों को ही बुलाया गया है, जिसमें छात्रों ने प्रमाण के साथ अपना बयान दर्ज कराया है। जांच समिति में छात्रों ने तो अपना बयान दर्ज करा दिया है, अब वह एक महीने पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक चीफ प्रॉक्टर का मामले में बयान नहीं दर्ज किया जा सका है। ऐसे में एक महीने के भीतर जांच पूरी हो जाएगी, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
विज्ञापन
बीएचयू छात्रों ने बदायूं से सपा सांसद धमेंद्र यादव से मिलकर चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन से अवगत कराया। समाजवादी छात्रसभा के आशुतोष सिंह यीशु के नेतृत्व में सांसद से मिलने गए छात्रों ने वस्तुस्थिति से अवगत कराया। बताया कि संासद ने मामले को लोकसभा में उठाने का आश्वासन दिया है।