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दर्शन मात्र रह गए तीर्थ पथ के तालाब

Tue, 15 May 2018 02:32 AM IST
Updated Tue, 15 May 2018 02:32 AM IST
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दर्शन मात्र रह गए तीर्थ पथ के तालाब
वाराणसी। पंचक्रोशी परिक्रमा के तीर्थयात्रियों के राह की दुश्वारियां अंतिम पड़ाव कपिलधारा तक थमने वाली नहीं हैं। पांचों पांडव मंदिर से कपिलधारा तक की 11 किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह ध्वस्त है। धर्मशालाओं पर कब्जे तो हैं ही, पेयजल-प्रकाश और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल हैं। इन दुश्वारियों से कहीं अधिक तकलीफ तीर्थयात्रियों को तीर्थ पथ के उन पौराणिक तालाबों की हालत देखकर होगी, जिनमें स्नान और आचमन का माहात्म्य पंचक्रोशी यात्रा में वर्णित है। अवैध निर्माणों से तीर्थ पथ के तालाबों का वजूद खत्म होने के कगार पर है। कहीं मिट्टी के ढेर बचे हैं तो कहीं तलहटी में जमा गंदा पानी आचमन के लायक नहीं है। ऐसी स्थिति में तीर्थ यात्री इन पौराणिक तालाबों में आचमन और स्नान नहीं, सिर्फ दर्शन ही कर पाएंगे।
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तालाबों के संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट से सरकार तक के निर्देश हैं लेकिन प्रशासन इसके बावजूद गंभीरता नहीं बरत रहा है, तीर्थपथ के पौराणिक तालाबों की हालत तो कम से कम यही बता रही है। परिक्रमा पथ के अंतिम यानी पांचवें पड़ाव के सफर में तीन पौराणिक तालाब हैं। सोना तालाब, सारंगनाथ तालाब और कपिलधारा तालाब।
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तीर्थयात्री सारंग तालाब पर विश्राम कर भोजन बनाते हैं लेकिन यहां हालात बेहद खराब हैं। अवैध निर्माणों से घिरे तालाब में गंदगी पटी पड़ी है। बदबू के चलते थोड़ी देर खड़ा होना भी मुश्किल है। इसके आगे बढ़ने पर सोना तालाब पड़ता है, जो अब नाममात्र का ही बचा है। अवैध निर्माणों के बीच जो थोड़ी-बहुत जगह बची है, वहां मिट्टी के ढेर लगे हैं। पानी का कहीं नामोनिशान नहीं है। गंदगी फैली है सो अलग। इसके आगे कपिलधारा तालाब में आचमन का विधान है। यहां तालाब में पानी तो है लेकिन लोग उसमें कपड़े धोते और नहाते हैं। गंदगी के चलते पानी आचमन के योग्य नहीं है।
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पांचों पांडव मंदिर से कपिलधारा के बीच पृथ्वीश्वर महादेव से आगे बढ़ने पर पांडेयपुर चौराहे पर यातायात की दुश्वारियां हैं। पांडेयपुर-पंचक्रोशी मार्ग की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। सीवर पाइपलाइन बिछाए जाने के कारण लगभग एक किलोमीटर से अधिक का रास्ता पूरी तरह खराब है। मिट्टी और बोल्डर डालकर छोड़ दिया गया है। तपती धूप में इस रास्ते से गुजरना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। कपिलधारा तालाब पर स्थित वृषभध्वजेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी गोपाल गिरी कहते हैं कि श्रद्धालुओं के लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं है। मंदिर भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रहा है लेकिन इसकी मरम्मत पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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