फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   धर्मशालाओं पर कब्जा, हालत है खस्ता

धर्मशालाओं पर कब्जा, हालत है खस्ता

Sat, 12 May 2018 02:16 AM IST
Updated Sat, 12 May 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
धर्मशालाओं पर कब्जा, हालत है खस्ता
वाराणसी। पंचक्रोशी परिक्रमा के दूसरे पड़ाव भीमचंडी का हाल भी बहुत अच्छा नहीं है। प्रशासनिक निर्देश के बाद भी तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। धर्मशालाओं की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है और अधिकतर पर स्थानीय लोगों का ही कब्जा है। जो धर्मशालाएं खाली भी हैं उनकी हालत बेहद खराब है। दो धर्मशालाओं के सामने तो सीवर ही ओवरफ्लो कर रहा है। गरमी के इस मौसम में कर्दमेश्वर से भीमचंडी के बीच रास्ते में पेयजल की कोई मुकम्मल व्यवस्था भी नहीं है।
विज्ञापन

पापों की मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति के लिए पंचक्रोशी यात्रा में यात्री हिस्सा लेते हैं। पहले पड़ाव से दूसरे पड़ाव की 14 किलोमीटर की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियाें के लिए कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। कंदवा से भीमचंडी के बीच रास्ते में न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही कोई शेल्टर होम बनाया गया है। औढ़े गांव और उन्मत्त भैरव के मंदिर पर ग्रामीणों द्वारा सफाई का काम तेजी से चल रहा है। तालाब में भी पिछले तीन दिनों से लगातार पानी भरा जा रहा है।
विज्ञापन

मातलदेई से होते हुए भीमचंडी पहुंचने के बाद सबसे पहले पड़ने वाले गंधर्व सागर तालाब में भी गंदगी नजर आई। धर्मशालाओं में स्थानीय लोगों ने भूसा और अन्य सामान रखा हुआ है। सफाई के अभाव में 14 धर्मशालाओं में गंदगी ही गंदगी नजर आई। कमरों में गंदगी और पूरे परिसर में घास-फूस उग आए हैं। तीन नंबर धर्मशाला की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। धर्मशालाओं के हैंडपंप खराब हैं और कुछ के तो गायब हैं। अभी तक धर्मशालाओं में बिजली की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे तीर्थयात्रियों को अंधेरे में ही रहना होगा। पिछले सप्ताह एसडीएम राजातालाब ने निरीक्षण कर अवैध कब्जों को हटवाने का निर्देश भी दिया था बावजूद इसके अभी तक धर्मशालाओं पर कब्जा बना हुआ है। आठ नंबर धर्मशाला के सामने तो सीवर सड़क पर ही बह रहा है। इसके सामने पर्यटन विभाग के फंड से निर्मित सुलभ शौचालय का भी कोई पुरसाहाल नहीं हैं। पानी की टोंटियां नदारद है और दीवारें टूट चुकी हैं।

विन्ध्याचल देवी की बहन हैं भीमचंडी देवी
भीमचंडी गांव में मां भीमचंडी का मंदिर स्थित है। गांव में प्रवेश करते ही गंधर्वतीर्थ तालाब पड़ता है जहां स्नान का अलग ही महात्मय है। इस कुंड के पूर्व दक्षिणी कोने पर नरकार्णावतार शिव गण का मंदिर स्थित है। इसके आगे बढ़ने पर गंधर्वेश्वर का मंदिर है। इस मंदिर के दक्षिण तरफ कुआं भीमचंडी शक्ति तीर्थ है। इससे आगे बढ़ने पर भीमचंडी विनायक का मंदिर है। मान्यता के अनुसार इनके दर्शन से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और कष्ट दूर हो जाते हैं। इसी मंदिर से सटा हुआ गंधर्व का मंदिर है। इसी क्रम में भीमचंडेश्वर और इसके दक्षिण में भीमचंडी देवी का मंदिर है। मंदिर की पुजारी बिंदेश्वरी मिश्रा ने बताया कि देवी तीन प्रहर में तीन स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं। मान्यता के अनुसार यह विन्ध्याचल देवी की बहन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed