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तीन हजार किसानों का कर्ज होगा माफ
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:23 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋण मोचन योजना के तहत अब जिले के एनपीए खाताधारक किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। कृषि विभाग ने खातों की जांच कराने के बाद शासन से दो करोड़ पांच लाख रुपये की मांग की है। पहले चरण में सहकारी बैंकों के तीन हजार एनपीए खातों से जुड़े किसानों को शामिल किया गया है। दूसरे चरण के लिए कामर्शियल बैंक के 1500 खाताधारक चिह्नित किए गए हैं।
पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव में किसानों का कर्ज माफ कराने का वाला करने वाली भाजपा सरकार बनने के बाद ही इस योजना को लागू कर दिया था। जिले में ऋणमाफी के लिए 22 हजार किसानों को चिह्नित किया गया था। तीनों तहसीलों में सत्यापन कराने के बाद जिला प्रशासन की ओर से तीन चरणों में करीब 10 हजार किसानों को कर्ज माफी का प्रमाणपत्र दिया गया जबकि 10 हजार से अधिक किसान अपात्र पाए गए। इसके बाद शासन के निर्देश पर एनपीए (नान प्राफिटेबल अकाउंट) के कर्ज को माफ करने के लिए सहकारी बैंकों के छह हजार खातों को चिह्नित कर सत्यापन कराया गया। इसमें 3022 एनपीए कर्जमाफी के योग्य पाए गए। अब कृषि विभाग ने ऐसे खातों से जुड़े किसानों की ऋणमाफी के लिए शासन से दो करोड़, पांच लाख रुपये की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सहकारी बैंक के तीन हजार एनपीए के लिए शासन से बजट की डिमांड की गई है। उन्होंने कहा कि कामर्शियल बैंकों का कर्ज अधिक है।
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पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव में किसानों का कर्ज माफ कराने का वाला करने वाली भाजपा सरकार बनने के बाद ही इस योजना को लागू कर दिया था। जिले में ऋणमाफी के लिए 22 हजार किसानों को चिह्नित किया गया था। तीनों तहसीलों में सत्यापन कराने के बाद जिला प्रशासन की ओर से तीन चरणों में करीब 10 हजार किसानों को कर्ज माफी का प्रमाणपत्र दिया गया जबकि 10 हजार से अधिक किसान अपात्र पाए गए। इसके बाद शासन के निर्देश पर एनपीए (नान प्राफिटेबल अकाउंट) के कर्ज को माफ करने के लिए सहकारी बैंकों के छह हजार खातों को चिह्नित कर सत्यापन कराया गया। इसमें 3022 एनपीए कर्जमाफी के योग्य पाए गए। अब कृषि विभाग ने ऐसे खातों से जुड़े किसानों की ऋणमाफी के लिए शासन से दो करोड़, पांच लाख रुपये की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सहकारी बैंक के तीन हजार एनपीए के लिए शासन से बजट की डिमांड की गई है। उन्होंने कहा कि कामर्शियल बैंकों का कर्ज अधिक है।
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