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अभिलेख न देने पर नौ वीडीओ का वेतन रोका
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। सरकारी धन की घपलेबाजी के आरोपों में घिरे 32 ग्राम प्रधानों के खिलाफ जांच से जुड़े अभिलेख न देने पर जिले के नौ ग्राम पंचायत अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने यह कार्रवाई की। कहा कि अभिलेख न देने तक वेतन पर रोक लगी रहेगी।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में दिसंबर तक जिले के मरसड़ा, अभोली के कनकपुर, डीघ समेत 32 गांवों में शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा के कार्य, वृक्षारोपण में जमकर धांधली हुई थी। मरसड़ा, डीघ समेत 15 गांवों में शुरुआती जांच में दो से लेकर 15 लाख रुपये तक की घपलेबाजी उजागर हो चुकी है जबकि अन्य गांवों की जांच अभिलेख न मिलने की वजह से लटकी हुई है। पिछले दिनों डीएम विशाख जी ने अभिलेख न प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने औराई के ग्राम विकास अधिकारी सिकंदर, सेक्रेटरी रविंद्रनाथ, भदोही के वीडीओ अरुण कुमार चतुर्वेदी, ग्राम पंचायत अधिकारी भदोही पारसनाथ, अवध नारायण, डीघ के अरुण कुमार मिश्र, सुरियावां की प्रियंका सिंह, मनोज कुमार मौर्य, अभोली के नीतिश कुमार वर्मा का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। डीपीआरओ ने कहा कि वीडीओ और सेक्रेटरी की ओर से अभिलेख न प्रस्तुत करने से संबंधित गावों की जांच पूर्ण नहीं हो सकी। तीन दिनों के अंदर जांच अधिकारी के समक्ष अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कहा कि जब तक अभिलेख नहीं प्रस्तुत करेंगे वेतन पर रोक लगी रहेगी। घपलेबाजी में घिरे प्रधानों को बचाने में ग्राम पंचायत अधिकारी पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच अधिकारी गांवों में जब भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचते हैं तो सेक्रेटरी या तो बैठक का बहना बनाकर खिसक लेते हैं या अभिलेख देने में ही आनाकानी करते हैं।
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वित्तीय वर्ष 2017-18 में दिसंबर तक जिले के मरसड़ा, अभोली के कनकपुर, डीघ समेत 32 गांवों में शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा के कार्य, वृक्षारोपण में जमकर धांधली हुई थी। मरसड़ा, डीघ समेत 15 गांवों में शुरुआती जांच में दो से लेकर 15 लाख रुपये तक की घपलेबाजी उजागर हो चुकी है जबकि अन्य गांवों की जांच अभिलेख न मिलने की वजह से लटकी हुई है। पिछले दिनों डीएम विशाख जी ने अभिलेख न प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने औराई के ग्राम विकास अधिकारी सिकंदर, सेक्रेटरी रविंद्रनाथ, भदोही के वीडीओ अरुण कुमार चतुर्वेदी, ग्राम पंचायत अधिकारी भदोही पारसनाथ, अवध नारायण, डीघ के अरुण कुमार मिश्र, सुरियावां की प्रियंका सिंह, मनोज कुमार मौर्य, अभोली के नीतिश कुमार वर्मा का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। डीपीआरओ ने कहा कि वीडीओ और सेक्रेटरी की ओर से अभिलेख न प्रस्तुत करने से संबंधित गावों की जांच पूर्ण नहीं हो सकी। तीन दिनों के अंदर जांच अधिकारी के समक्ष अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कहा कि जब तक अभिलेख नहीं प्रस्तुत करेंगे वेतन पर रोक लगी रहेगी। घपलेबाजी में घिरे प्रधानों को बचाने में ग्राम पंचायत अधिकारी पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच अधिकारी गांवों में जब भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचते हैं तो सेक्रेटरी या तो बैठक का बहना बनाकर खिसक लेते हैं या अभिलेख देने में ही आनाकानी करते हैं।
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