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प्रियंका के सामने खोये जनाधार को वापस लाने की चुनौती
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वाराणसी। कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी बृहस्पतिवार को वाराणसी पहुंचेंगी और गंगा के सहारे भाजपा की घेराबंदी करने की कोशिश करेंगी। प्रयागराज से शुरू हुई उनकी तीन दिवसीय यात्रा वाराणसी में समाप्त होगी। इस यात्रा में राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका के सामने पूर्वांचल में खोये जनाधार को वापस पाने की चुनौती होगी। यही कारण है कि काशी दौरे में सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड के साथ ही शहीदों के परिजनों से मुलाकात के जरिए वह देशभक्ति का संदेश देंगी। पूर्व प्रधानमंत्री और पिता राजीव गांधी के गंगा निर्मलीकरण के लिए शुरू किए गए गंगा एक्शन प्लान के जरिए वह गंगा से नाता जोड़ेंगी।
कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पूर्वांचल का चुनाव प्रभारी बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बृहस्पतिवार को पहुंच रही प्रियंका के सामने पूर्वांचल की सीटों पर खाता खोलने की चुनौती है। उन पर कांग्रेस के परपंरागत दलित और मुस्लिम वोट साधने की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस लगातार पूर्वांचल में कमजोर हुई है। उसके पीछे बड़ा कारण वोट बैंक में बिखराव है। यहां बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रदेश की मात्र छह सीटें सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी और कुशीनगर पर दूसरे स्थान पर रही थी। पूर्वांचल की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी जमानत बचाने के लिए जूझते रहे। हालांकि प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने से कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित हैं, मगर इसे वोट में बदलना बड़ी चुनौती है। यही कारण है कि प्रियंका भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी के दौरे में किसान और महिलाओं से संवाद कर रही हैं। वाराणसी में गंगा में सक्रिय रहने वाले निषाद समाज और महिलाओं से भी सीधा संवाद करेंगी।
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कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पूर्वांचल का चुनाव प्रभारी बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बृहस्पतिवार को पहुंच रही प्रियंका के सामने पूर्वांचल की सीटों पर खाता खोलने की चुनौती है। उन पर कांग्रेस के परपंरागत दलित और मुस्लिम वोट साधने की जिम्मेदारी है।
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कांग्रेस लगातार पूर्वांचल में कमजोर हुई है। उसके पीछे बड़ा कारण वोट बैंक में बिखराव है। यहां बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रदेश की मात्र छह सीटें सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी और कुशीनगर पर दूसरे स्थान पर रही थी। पूर्वांचल की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी जमानत बचाने के लिए जूझते रहे। हालांकि प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने से कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित हैं, मगर इसे वोट में बदलना बड़ी चुनौती है। यही कारण है कि प्रियंका भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी के दौरे में किसान और महिलाओं से संवाद कर रही हैं। वाराणसी में गंगा में सक्रिय रहने वाले निषाद समाज और महिलाओं से भी सीधा संवाद करेंगी।
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