{"_id":"5b8eea6d867a5548343dbbc9","slug":"181536092781-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद ने साफ किया मंदिर विस्तारीकरण का रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद ने साफ किया मंदिर विस्तारीकरण का रास्ता
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण का रास्ता विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद ने साफ कर लिया है। गंगा घाट से लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच आने वाले सभी भवनों के अर्जन के लिए अलग अलग कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की योजना है कि कुंभ मेले से पहले मंदिर के विस्तारीकरण की रुपरेखा को मूर्त रुप दे दिया जाए।
दरअसल, विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण के लिए कराए गए सर्वे में 296 भवन चिन्हित किए गए हैं। इसमें 115 भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। विशिष्ट क्षेत्र प्राधिकरण ने शासन से अनुमति के बाद भवनों के अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया था। इसमें 148 भवनों की सूची अधिग्रहण के लिए भेजी गई है। बचे हुए 33 भवनों में 24 सेवइत संपत्तियों को न्यास परिषद की देखरेख में छोड़ दिया है। इसमें न्यास परिषद इन संपत्तियों को खरीदेगा। बाकी बचे नौ भवनों के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी और दो अपर नगर मजिस्ट्रेट बातचीत करेंगे। ऐसे में साफ है कि भवनों को मंदिर परिसर में शामिल होने के बाद विस्तारीकरण की योजना को अमल करने में आसानी होगी। सूत्रों की मानें तो अब तक लिए गए भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद मंदिर में प्रवेश द्वार को चौड़ा कर लिया जाएगा। अगले एक माह में बाकी बचे भवनों को अधिग्रहित और खरीदने के बाद जनवरी से पहले गंगा से विश्वनाथ मंदिर के बीच विस्तारीकरण की योजना अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
दरअसल, विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण के लिए कराए गए सर्वे में 296 भवन चिन्हित किए गए हैं। इसमें 115 भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। विशिष्ट क्षेत्र प्राधिकरण ने शासन से अनुमति के बाद भवनों के अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया था। इसमें 148 भवनों की सूची अधिग्रहण के लिए भेजी गई है। बचे हुए 33 भवनों में 24 सेवइत संपत्तियों को न्यास परिषद की देखरेख में छोड़ दिया है। इसमें न्यास परिषद इन संपत्तियों को खरीदेगा। बाकी बचे नौ भवनों के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी और दो अपर नगर मजिस्ट्रेट बातचीत करेंगे। ऐसे में साफ है कि भवनों को मंदिर परिसर में शामिल होने के बाद विस्तारीकरण की योजना को अमल करने में आसानी होगी। सूत्रों की मानें तो अब तक लिए गए भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद मंदिर में प्रवेश द्वार को चौड़ा कर लिया जाएगा। अगले एक माह में बाकी बचे भवनों को अधिग्रहित और खरीदने के बाद जनवरी से पहले गंगा से विश्वनाथ मंदिर के बीच विस्तारीकरण की योजना अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन