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मौसम की मार बना रही बीमार
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:32 AM IST
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ज्ञानपुर। बीते कुछ दिनों से आंधी और बूंदाबंदी के बीच मौसम का मिजाज बदलने से मौसमी बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। इससे सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। तापमान में अचानक उतार चढ़ाव के कारण डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसी बीमारी से लोग पीड़ित हो रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि ऐसे मौसम में बीमारियों से बचने के लिए खानपान और धूप से बचना चाहिए।
तापमान में अचानक उतार चढ़ाव के चलते मौसम का मिजाज सख्त होता जा रहा है। इन दिनों जगह-जगह हल्की फुल्की बारिश होने से तापमान में काफी बदलाव आया है। इसके चलते लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ज्यादा हो रही हैं। दिन और रात के मौसम में उतार चढ़ाव के चलते लोग डायरिया, डिहाइड्रेशन, वायरल फीवर, उल्टी और दस्त से पीड़ित हो रहे हैं। इससे सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार लगी हुई है। बुधवार को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय समेत जिले के सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में 1953 मरीजों को देखा गया, वहीं इमरजेंसी में 182 मरीजों का उपचार किया गया। जिला अस्पताल की ओपीड़ी 729 पर्चियां कटीं और 49 मरीजों को इमर्जेंसी में भर्ती कराया गया। जिला चिकित्सालय के डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण शरीर में नमक की मात्रा कम होने के कारण इलेेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इससे बचने के लिए जूस और रेसेदार फल और नीबू पानी के प्रचुर मात्रा में उपयोग के साथ धूप से बचने की कोशिश करनी चाहिए।
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तापमान में अचानक उतार चढ़ाव के चलते मौसम का मिजाज सख्त होता जा रहा है। इन दिनों जगह-जगह हल्की फुल्की बारिश होने से तापमान में काफी बदलाव आया है। इसके चलते लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ज्यादा हो रही हैं। दिन और रात के मौसम में उतार चढ़ाव के चलते लोग डायरिया, डिहाइड्रेशन, वायरल फीवर, उल्टी और दस्त से पीड़ित हो रहे हैं। इससे सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार लगी हुई है। बुधवार को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय समेत जिले के सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में 1953 मरीजों को देखा गया, वहीं इमरजेंसी में 182 मरीजों का उपचार किया गया। जिला अस्पताल की ओपीड़ी 729 पर्चियां कटीं और 49 मरीजों को इमर्जेंसी में भर्ती कराया गया। जिला चिकित्सालय के डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण शरीर में नमक की मात्रा कम होने के कारण इलेेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इससे बचने के लिए जूस और रेसेदार फल और नीबू पानी के प्रचुर मात्रा में उपयोग के साथ धूप से बचने की कोशिश करनी चाहिए।
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