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मंदिरों की सुरक्षा के लिए संतों ने निकाली पदयात्रा0
Updated Tue, 29 May 2018 02:23 AM IST
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सेवापुरी। संत अविमुक्तेश्वरानंद के नेतृत्व में दर्जनों संत पदयात्रा करते हुए रविवार की शाम पंचक्रोशी तीर्थ स्थल के तीसरे पड़ाव रामेश्वर में पहुंचे। यहां संत अविमुक्तेश्वरनंद ने रामेश्वर महादेव मंदिर में शिव का दर्शन पूजन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार हिंदू विरोधी कार्य कर रही है। जिसे संत समाज बर्दास्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के नाम पर प्रदेश सरकार पचासों मदिंरों को तोड़ने के लिए चिह्नित किया है। तीन मंदिर तोड़े जा चुके हैं। उसके बाद भी भाजपा की सरकार हिंदुत्व का नारा देकर लोगों को बरगला रही हैं। शासन प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मंदिरों का उल्लेख पुराणों में है उन मंदिरों को भाजपा सरकार तोड़वाकर मूर्तियों को गायब करवा रही है। इसके विरोध में संत समाज सड़क पर उतरा हैं। भाजपा की सरकार सनातन धर्म को तोड़ने पर तूल गई हैं। इसे बचाने के लिये संत समाज हर लड़ाई लड़ने को सदैव तैयार रहेगा।
इस दौरान गिरीश तिवारी, स्वामी योगेश्वरानंद, साध्वी शारन्दा, रूपेश तिवारी, कृष्ण प्रियानन्द ब्रम्हचारी सहित दर्जनों संत शामिल रहे।
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उन्होंने कहा कि विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के नाम पर प्रदेश सरकार पचासों मदिंरों को तोड़ने के लिए चिह्नित किया है। तीन मंदिर तोड़े जा चुके हैं। उसके बाद भी भाजपा की सरकार हिंदुत्व का नारा देकर लोगों को बरगला रही हैं। शासन प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मंदिरों का उल्लेख पुराणों में है उन मंदिरों को भाजपा सरकार तोड़वाकर मूर्तियों को गायब करवा रही है। इसके विरोध में संत समाज सड़क पर उतरा हैं। भाजपा की सरकार सनातन धर्म को तोड़ने पर तूल गई हैं। इसे बचाने के लिये संत समाज हर लड़ाई लड़ने को सदैव तैयार रहेगा।
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इस दौरान गिरीश तिवारी, स्वामी योगेश्वरानंद, साध्वी शारन्दा, रूपेश तिवारी, कृष्ण प्रियानन्द ब्रम्हचारी सहित दर्जनों संत शामिल रहे।