{"_id":"5ace74084f1c1b4c3e8b4967","slug":"181523479560-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्रवाई के अंदेशे में रिलीव हुए बिना ही संभाला था कार्यभार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्रवाई के अंदेशे में रिलीव हुए बिना ही संभाला था कार्यभार
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्रवाई के अंदेशे में रिलीव हुए बिना ही संभाला था कार्यभार
वाराणसी। बिना अनुमति दो सौ से ज्यादा यूनिपोल के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोपी मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह को खुद पर होने वाली कार्रवाई का अंदेशा हो गया था। यही कारण है कि 16 फरवरी को नोएडा से स्थानांतरण होने पर उन्होंने बिना रिलीव हुए ही आनन-फानन में वाराणसी में ज्वाइन कर लिया था।
पौने दो महीने बाद भी उनका रिलीविंग आर्डर और सर्विस बुक वाराणसी नहीं पहुंचा था। मुख्य अभियंता की ओर से इसके लिए प्रयास भी नहीं किया गया। प्रश्न उठ रहा है कि नगर निगम में उन्हें चार्ज कैसे दे दिया गया। हालांकि नियम विरुद्ध ज्वाइनिंग के चलते उन्हें अब तक कोई वेतन वाराणसी नगर निगम से जारी नहीं किया गया है।
शासन से निलंबन की कार्रवाई के बाद नगर निगम वाराणसी के कार्यकाल की जांच शुरू करा दी गई है। अब तक के कार्यकाल के दौरान निलंबित मुख्य अभियंता के प्रभार वाले कामों की जांच कराई जाएगी। प्रमुख सचिव नगर विकास की ओर से हुई कार्रवाई के बाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर का पद खाली हो गया। चीफ इंजीनियर का कार्यभार अधिशासी अभियंता लोेकेश जैन को दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। बिना अनुमति दो सौ से ज्यादा यूनिपोल के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोपी मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह को खुद पर होने वाली कार्रवाई का अंदेशा हो गया था। यही कारण है कि 16 फरवरी को नोएडा से स्थानांतरण होने पर उन्होंने बिना रिलीव हुए ही आनन-फानन में वाराणसी में ज्वाइन कर लिया था।
पौने दो महीने बाद भी उनका रिलीविंग आर्डर और सर्विस बुक वाराणसी नहीं पहुंचा था। मुख्य अभियंता की ओर से इसके लिए प्रयास भी नहीं किया गया। प्रश्न उठ रहा है कि नगर निगम में उन्हें चार्ज कैसे दे दिया गया। हालांकि नियम विरुद्ध ज्वाइनिंग के चलते उन्हें अब तक कोई वेतन वाराणसी नगर निगम से जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
शासन से निलंबन की कार्रवाई के बाद नगर निगम वाराणसी के कार्यकाल की जांच शुरू करा दी गई है। अब तक के कार्यकाल के दौरान निलंबित मुख्य अभियंता के प्रभार वाले कामों की जांच कराई जाएगी। प्रमुख सचिव नगर विकास की ओर से हुई कार्रवाई के बाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर का पद खाली हो गया। चीफ इंजीनियर का कार्यभार अधिशासी अभियंता लोेकेश जैन को दिया गया है।
विज्ञापन