{"_id":"5a8de4044f1c1b05738b8bfa","slug":"181519248388-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंह पे डारो न रंग गिरधारी....","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुंह पे डारो न रंग गिरधारी....
Updated Thu, 22 Feb 2018 03:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। मुंह पे डारो न रंग गिरधारी..., कन्हैया घर चलो गोइयां आज खेले होली...गीत से बुणवार को काशी का मानमहल घाट गूंज उठा। सितार वादक नरेंद्र मिश्र ने जब सितार पर तान छेड़ी तो पूरा वातावरण संगीतमय हो गया। वहां मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया। नरेंद्र मिश्र ने राग यमन और मिश्र खयाल में होली गीत की प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके साथ तबले पर पंडित पूरन महाराज ने संगत की।
संस्कृति मंत्रालय की ओर से स्वच्छाग्रह: बापू को कार्यांजलि कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय ‘रस बनारस’ एक सांस्कृतिक संध्या का भव्य शुभारंभ हुआ। इसके बाद पांच साल की अवंतिका ने तबले पर अपनी कला से पूरी महफिल लूट ली। बाल कलाकार ने तबले पर मुखपाठ, बराबर लय, सवाई लय, कायदा, टुकड़े को बजाकर सभी को मुग्ध कर दिया। ध्रुव सहाय ने सारंगी पर साथ दिया।
सौरव-गौरव मिश्र ने शिवंवदना से पारंपरिक कथक की प्रस्तुति दी। तीन ताल में उठान, आमद, तिहाई और टुकड़ा की प्रस्तुति दी। जुगलबंदी में तबले पर पंडित पूरन महाराज और रामकुमार मिश्रा ने साथ दिया। गायन में प्रेम किशोर मिश्रा, सितार पर नीरज मिश्रा ने साथ दिया। वहीं कार्यक्रम की शुरूआत शहनाई वादक शंकर बंधु संजीव और अश्विनी शंकर ने शहनाई से की। व्याख्या केंद्र की छात्राओं ने स्वच्छता और गीत गाकर शुरूआत की। इसमें प्रिया, मंजरी, मनीषा, आरती, शिवालिका, शालिनी ने प्रस्तुति दी। तबले पर संगत किया नागेश्वर राय ने। दयानंद और हेमंत ने सहयोग किया। इस मौके पर संस्कृति मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेंट्ररी प्रणव खुलर, एडिशनल सेक्रेेट्ररी सुजाता मौजूद थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्कृति मंत्रालय की ओर से स्वच्छाग्रह: बापू को कार्यांजलि कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय ‘रस बनारस’ एक सांस्कृतिक संध्या का भव्य शुभारंभ हुआ। इसके बाद पांच साल की अवंतिका ने तबले पर अपनी कला से पूरी महफिल लूट ली। बाल कलाकार ने तबले पर मुखपाठ, बराबर लय, सवाई लय, कायदा, टुकड़े को बजाकर सभी को मुग्ध कर दिया। ध्रुव सहाय ने सारंगी पर साथ दिया।
विज्ञापन
सौरव-गौरव मिश्र ने शिवंवदना से पारंपरिक कथक की प्रस्तुति दी। तीन ताल में उठान, आमद, तिहाई और टुकड़ा की प्रस्तुति दी। जुगलबंदी में तबले पर पंडित पूरन महाराज और रामकुमार मिश्रा ने साथ दिया। गायन में प्रेम किशोर मिश्रा, सितार पर नीरज मिश्रा ने साथ दिया। वहीं कार्यक्रम की शुरूआत शहनाई वादक शंकर बंधु संजीव और अश्विनी शंकर ने शहनाई से की। व्याख्या केंद्र की छात्राओं ने स्वच्छता और गीत गाकर शुरूआत की। इसमें प्रिया, मंजरी, मनीषा, आरती, शिवालिका, शालिनी ने प्रस्तुति दी। तबले पर संगत किया नागेश्वर राय ने। दयानंद और हेमंत ने सहयोग किया। इस मौके पर संस्कृति मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेंट्ररी प्रणव खुलर, एडिशनल सेक्रेेट्ररी सुजाता मौजूद थी।
विज्ञापन