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आकार ले रही कथाकार की दुनिया
Updated Thu, 14 Dec 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व से नवांकुर प्रतिभाओं को रूबरू कराने और उन्हें उनके लेखन की बारीकियों से परिचित कराने की मुहिम रंग ला रही है। ‘विरासत लाइव’ की पांचवी कड़ी में हम आपको रूबरू करा रहे हैं मुंशी प्रेमचंद व्याख्यान केंद्र से। जहां कथा लेखन का नया संसार आकार ले रहा है। साहित्य अकादमी और सांस्कृतिक मंत्रालय के समन्वय से राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में स्थापित यह केंद्र लेखन की बारीकियां सीखने-जानने वाली नवांकुर प्रतिभाओं के साथ ही देश-दुनिया के साहित्य प्रेमियों के लिए खास बन गया है। मुंशी प्रेमचंद के रचना संसार में दिलचस्पी रखने वाले खास तौर से यहां आते हैं।
बनारस की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विरासत के बारे में युवाओं को बताने के लिए साहित्य अकादमी और संस्कृति मंत्रालय ने यह पहल की है। व्याख्यान केंद्र के समन्वयक डा. गंगाधर राय ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 51 छात्रों को व्याख्यान केंद्र का सदस्य बनाया जाता है। इन छात्रों को लेखन की कला के साथ ही साहित्य के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
छात्रों को साहित्य के साथ ही संगीत और कला का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संगीत शिक्षक डॉ. नवीन कुमार मल्होत्रा और कला शिक्षक कमलेश चंद्र इसमें सहयोग कर रहे हैं। व्याख्यान केंद्र को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया गया है।
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बनारस की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विरासत के बारे में युवाओं को बताने के लिए साहित्य अकादमी और संस्कृति मंत्रालय ने यह पहल की है। व्याख्यान केंद्र के समन्वयक डा. गंगाधर राय ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 51 छात्रों को व्याख्यान केंद्र का सदस्य बनाया जाता है। इन छात्रों को लेखन की कला के साथ ही साहित्य के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
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छात्रों को साहित्य के साथ ही संगीत और कला का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संगीत शिक्षक डॉ. नवीन कुमार मल्होत्रा और कला शिक्षक कमलेश चंद्र इसमें सहयोग कर रहे हैं। व्याख्यान केंद्र को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया गया है।
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