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बिछाई जाने लगी अधूरी मेन पेयजल पाइप
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:02 AM IST
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वाराणसी। जल निगम और मेघा कंपनी के बीच सहमति बनने के बाद कंपनी ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। सारनाथ में बनने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) के लिए गंगा से पानी लिफ्ट करने केलिए अधूरी मेन पेयजल पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। सात साल से लटकी योजना को अब मूर्त रूप लेने की उम्मीद दिखाई देने लगी है।
वरुणा पार इलाके की करीब पांच लाख की आबादी को साफ पानी पिलाने के लिए जेएनएनयूआरएम के तहत जल निगम ने वर्ष 2010 में मेघा कंपनी को कार्य दिया था। कुछ काम होने के बाद जमीन विवाद तथा कंपनी और जल निगम के बीच तालमेल न होने से काम बंद हो गया था। इसी में एनएचएआई ने भी वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग-29 को फोर और सिक्स लेन के फेर में पाइप बिछाने से रोक दिया था। अब एनएचएआई और जल निगम से मामला निस्तारित होने केबाद मेघा कंपनी ने पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। गंगा का पानी चंद्रावती से लिफ्ट किया जाना है। वहां से सारनाथ तक 17 किमी की लंबी पाइप लाइन बिछानी थी। इसमें से तकरीबन 10 किमी पाइप बिछाई भी गई मगर विवाद के चलते काम बंद हो गया था। नगर निगम के अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि पाइप बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है।
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वरुणा पार इलाके की करीब पांच लाख की आबादी को साफ पानी पिलाने के लिए जेएनएनयूआरएम के तहत जल निगम ने वर्ष 2010 में मेघा कंपनी को कार्य दिया था। कुछ काम होने के बाद जमीन विवाद तथा कंपनी और जल निगम के बीच तालमेल न होने से काम बंद हो गया था। इसी में एनएचएआई ने भी वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग-29 को फोर और सिक्स लेन के फेर में पाइप बिछाने से रोक दिया था। अब एनएचएआई और जल निगम से मामला निस्तारित होने केबाद मेघा कंपनी ने पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। गंगा का पानी चंद्रावती से लिफ्ट किया जाना है। वहां से सारनाथ तक 17 किमी की लंबी पाइप लाइन बिछानी थी। इसमें से तकरीबन 10 किमी पाइप बिछाई भी गई मगर विवाद के चलते काम बंद हो गया था। नगर निगम के अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि पाइप बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है।
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