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सड़क पर कूड़ा जलाया तो होगा मुकदमा
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:46 AM IST
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वाराणसी। शासन के कड़े रुख के बाद शहर को स्मार्ट बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत सड़कों पर कूड़ा जलाने वालों और शहर में घूम रहे छु़ट्टा पशुओं के खिलाफ अभियान चलेगा। कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वहीं, छुट्टा पशु पकड़े जाने पर पशुपालकों से जुर्माना वसूला जाएगा।
नगर के जगह-जगह बने कूड़ाघरों और कंटेनरों में भरे कूड़े में कहीं शरारती तत्व तो कहीं नगर निगम के कर्मचारी ही आग लगा देते हैं। इसके चलते पर्यावरण प्रदूषित होता ही है, धुएं से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है। नगर निगम प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कर्मचारी कूड़ा निस्तारण की बजाय उसे जला दे रहे हैं। इसको संज्ञान में लेते हुए नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने जोनल अधिकारियों, सफाई इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया है कि वे कूड़े का निस्तारण समय से कराएं। साथ ही आग लगाने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। वहीं, छुट्टा पशुओं को भी नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। कहा है कि गंगाघाट, पक्के महाल की गलियों और सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को हर हाल में रोका जाए। उधर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. असलम अंसारी ने बताया कि करसड़ा में कान्हा उपवन के नाम से गोशाला बनाने के लिए जमीन की तलाश कर ली गई है। भूमि मिलते ही गोशाला का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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नगर के जगह-जगह बने कूड़ाघरों और कंटेनरों में भरे कूड़े में कहीं शरारती तत्व तो कहीं नगर निगम के कर्मचारी ही आग लगा देते हैं। इसके चलते पर्यावरण प्रदूषित होता ही है, धुएं से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है। नगर निगम प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कर्मचारी कूड़ा निस्तारण की बजाय उसे जला दे रहे हैं। इसको संज्ञान में लेते हुए नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने जोनल अधिकारियों, सफाई इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया है कि वे कूड़े का निस्तारण समय से कराएं। साथ ही आग लगाने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। वहीं, छुट्टा पशुओं को भी नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। कहा है कि गंगाघाट, पक्के महाल की गलियों और सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को हर हाल में रोका जाए। उधर, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. असलम अंसारी ने बताया कि करसड़ा में कान्हा उपवन के नाम से गोशाला बनाने के लिए जमीन की तलाश कर ली गई है। भूमि मिलते ही गोशाला का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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