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भूमिगत लाइन से लगी बिजली चोरी पर लगाम
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वाराणसी। बिजली चोरी रोकने में भूमिगत लाइन काफी कारगर साबित हो रहा है। साथ ही राजस्व वसूली को भी बढ़ावा मिल रहा है। शहर का कबीर नगर उपकेंद्र एक मॉडल के रूप में उभरा है। दावा किया जा रहा है कि इस उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बिजली चोरी लगभग समाप्त हो चुकी है।
इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत शहर के एक हिस्से में खुले तारों को भूमिगत किया जा चुका है। खुले तारों को भूमिगत करने का काम कबीर नगर उपकेंद्र क्षेत्र से ही शुरू हुआ था और इसे मॉडल उपकेंद्र के रूप में विकसित भी किया गया। नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता आशीष अस्थाना बताते हैं कि बिजली व्यवस्था के सुधार का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले जहां मात्र 65.22 लाख ही राजस्व मिलता था। अब यहां से 231 लाख से अधिक की वसूली हो रही है।
उपभोक्ताओं की संख्या छह हजार से बढ़कर आठ हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि इस उपकेंद्र से पहले जहां लाइन लॉस 37 फीसदी से अधिक था वहीं अब घटकर 11 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने रात के समय होने वाले फाल्ट को तत्काल ठीक करने के लिए क्यूआरटी का गठन किया है। भिखारीपुर स्थित सभागार में सोमवार को प्रबंध निदेशक गोविंद राजू एनएस ने कहा कि नाइटगैंग के कर्मचारियों की लापरवाही की सूचना के बाद क्यूआरटी के गठन पर जोर दिया गया।
फिलहाल वाराणसी, प्रयागराज व गोरखपुर के शहरी क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस टीम का गठन किया गया है। आगे चलकर देहात क्षेत्र के साथ-साथ डिस्कॉम के अन्य जिलों में भी इसे लागू किया जाएगा। तकनीकी निदेशक अंशुल अग्रवाल ने बताया कि वाराणसी शहर के समस्त आठ वितरण खंडों में क्यूआरटी गठित कर दी गई है। प्रत्येक क्यूआरटी में संबंधित उपकेंद्र के एक कर्मचारी समेत तीन सदस्य रखे गए हैं। इनको वाहन भी उपलब्ध कराया गया है।
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इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत शहर के एक हिस्से में खुले तारों को भूमिगत किया जा चुका है। खुले तारों को भूमिगत करने का काम कबीर नगर उपकेंद्र क्षेत्र से ही शुरू हुआ था और इसे मॉडल उपकेंद्र के रूप में विकसित भी किया गया। नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता आशीष अस्थाना बताते हैं कि बिजली व्यवस्था के सुधार का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले जहां मात्र 65.22 लाख ही राजस्व मिलता था। अब यहां से 231 लाख से अधिक की वसूली हो रही है।
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उपभोक्ताओं की संख्या छह हजार से बढ़कर आठ हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि इस उपकेंद्र से पहले जहां लाइन लॉस 37 फीसदी से अधिक था वहीं अब घटकर 11 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने रात के समय होने वाले फाल्ट को तत्काल ठीक करने के लिए क्यूआरटी का गठन किया है। भिखारीपुर स्थित सभागार में सोमवार को प्रबंध निदेशक गोविंद राजू एनएस ने कहा कि नाइटगैंग के कर्मचारियों की लापरवाही की सूचना के बाद क्यूआरटी के गठन पर जोर दिया गया।
फिलहाल वाराणसी, प्रयागराज व गोरखपुर के शहरी क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस टीम का गठन किया गया है। आगे चलकर देहात क्षेत्र के साथ-साथ डिस्कॉम के अन्य जिलों में भी इसे लागू किया जाएगा। तकनीकी निदेशक अंशुल अग्रवाल ने बताया कि वाराणसी शहर के समस्त आठ वितरण खंडों में क्यूआरटी गठित कर दी गई है। प्रत्येक क्यूआरटी में संबंधित उपकेंद्र के एक कर्मचारी समेत तीन सदस्य रखे गए हैं। इनको वाहन भी उपलब्ध कराया गया है।