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गलियां तक जाम, जिम्मेदार फरमाएं आराम

Tue, 29 Jan 2019 01:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jan 2019 01:54 AM IST
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गलियां तक जाम, जिम्मेदार फरमाएं आराम
वाराणसी। जिम्मेदार अफसरों ने रविवार को लगे जाम से कोई सबक नहीं सीखा। लिहाजा, सोमवार को फिर उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा प्रारंभ और समाप्त होने के कुछ घंटे तक गलियों तक में जाम लगा रहा और परेशान लोग सिस्टम को कोसते रहे।
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सुबह दस बजे से सिपाही भर्ती परीक्षा थी। ऑफिस, स्कूल और परीक्षा का समय एक था, लेकिन पुलिस की ओर से ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि पूरा शहर जाम के चंगुल में फंस गया। अंधरापुल, तेलियाबाग, कैंट स्टेशन, साजन तिराहा, मडुवाडीह, लहरतारा, चांदपुर चौराहे पर तो स्थित बहुत ही खराब थी। कुछ देर राहत मिली, लेकिन दोपहर 12 बजे से देर शाम तक फिर वही हालात बने रहे। रात आठ बजे तक बस स्टैंड से लेकर कैंट स्टेशन तक पैर रखने की जगह नहीं थी। परेशान लोगों ने गलियों का रुख किया तो वहां भी जाम लग गया और वह घंटों फंसे रहे।
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इस संबंध में एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के मद्देनजर 60 हजार से ज्यादा लोग शहर में आए थे। वाहनों का दबाव ज्यादा था, इस वजह से जाम की समस्या हुई। समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम करें दुरुस्त
जाम से जूझ रहे लोगों को कहना है कि ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम खराब होना और सड़कों के किनारे अतिक्रमण जाम की समस्या बढ़ा रहा है। जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, समस्या भी खत्म नहीं होगी। उधर, लहरतारा, मड़ुवाडीह, साजन, सिगरा, रथयात्रा, महमूरगंज चौराहा आदि स्थानोें लगे ट्रैफिक कंट्रोल सिग्नल बेकार साबित हुए। न तो यहां से गुजरने वाले लोग इन पर ध्यान दे रहे थे और न ही पुलिस। इससे चौराहों पर हर तरफ से वाहन आ जाते और जाम लग जाता।

सम्मेलन वाली व्यवस्था करें लागू
शहर के लोगों ने कहा कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के चलते 21 से 23 जनवरी तक भारी वाहनों का दिन में शहर में प्रवेश प्रतिबंधित था। इन्हें सीमा पर ही रोका जा रहा था, जबकि आटो और ई-रिक्शा दो चरणों में चलाए जा रहे थे। इससे जाम से कुछ राहत मिली थी। सम्मेलन के बाद जिम्मेदार सुस्त पड़ गए और समस्या बढ़ गई। सम्मेलन वाली व्यवस्था बनी रहती तो परेशानी नहीं होती।
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