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52 छात्र-छात्राओं की हुई दस्तारबंदी
Updated Sun, 01 Apr 2018 01:12 AM IST
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गोपीगंज। दारुल उलूम हबीबिया रिजबिया, गोपीगंज में शुक्रवार की रात हबीब-ए-दोआलम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें 52 छात्र-छात्राओं को दस्तारबंदी कर उन्हें डिग्री प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न शहरों से आए शायरों ने अपने कलामों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
जलसे को खिताब करते हुए में सैयद शबाहत हुसैन मुरादाबादी और बदरे आलम मस्बिाही, आजमगढ़ ने दुनियावी तालीम पर जोर दिया। सैय्यद शबाहत हुसैन ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के दोनों नवासों ने दुनिया को अमन और शांति का पैगाम दिया। साथ ही साथ इंसानियत को शर्मसार करने वालों के खिलाफ जंग छेड़ी, जिसमें उन्हें अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़ी। हजरत इमाम हुसैन ने कहा कि आतंकवाद और हिंसा के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं है। आतंकवादी कभी मुसलमान नहीं हो सकता। इसके बाद शायरों ने अपने कलाम पेश किए। साजिद रजा बरेलवी की शायरी पर लोग वाह-वाह करते रहे। नईम अख्तर नैनीताल, साजिद रजा बरेलवी और आजम इकबाल बनारसी ने उम्दा कलाम पेश किए। अध्यक्षता शेख रहमतुल्लाह और संचालन जाहिद रजा मिस्बाही ने किया। प्राचार्य मो. मुख्तार रिजवी और हाफिज कमरुज्जमा ने छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की। प्राचार्य ने कहा कि हमारे छात्र देश की सेवा करते हुए मिसाल कायम करेंगे। इस अवसर पर इम्तियाज अंसारी, हाजी जाफर, हाजी मेराज, हाजी सुबहान, जमालुद्दीन, हाजी हलीम, हाजी मकसूद, मजीद अंसारी, शकील दादा आदि मौजूद रहे।
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जलसे को खिताब करते हुए में सैयद शबाहत हुसैन मुरादाबादी और बदरे आलम मस्बिाही, आजमगढ़ ने दुनियावी तालीम पर जोर दिया। सैय्यद शबाहत हुसैन ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के दोनों नवासों ने दुनिया को अमन और शांति का पैगाम दिया। साथ ही साथ इंसानियत को शर्मसार करने वालों के खिलाफ जंग छेड़ी, जिसमें उन्हें अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़ी। हजरत इमाम हुसैन ने कहा कि आतंकवाद और हिंसा के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं है। आतंकवादी कभी मुसलमान नहीं हो सकता। इसके बाद शायरों ने अपने कलाम पेश किए। साजिद रजा बरेलवी की शायरी पर लोग वाह-वाह करते रहे। नईम अख्तर नैनीताल, साजिद रजा बरेलवी और आजम इकबाल बनारसी ने उम्दा कलाम पेश किए। अध्यक्षता शेख रहमतुल्लाह और संचालन जाहिद रजा मिस्बाही ने किया। प्राचार्य मो. मुख्तार रिजवी और हाफिज कमरुज्जमा ने छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की। प्राचार्य ने कहा कि हमारे छात्र देश की सेवा करते हुए मिसाल कायम करेंगे। इस अवसर पर इम्तियाज अंसारी, हाजी जाफर, हाजी मेराज, हाजी सुबहान, जमालुद्दीन, हाजी हलीम, हाजी मकसूद, मजीद अंसारी, शकील दादा आदि मौजूद रहे।
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