फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   वेद स्वरूप हैं स्वामी करपात्री के प्रत्येक ग्रंथ

वेद स्वरूप हैं स्वामी करपात्री के प्रत्येक ग्रंथ

Sat, 22 Jul 2017 02:07 AM IST
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
वेद स्वरूप हैं स्वामी करपात्री के प्रत्येक ग्रंथ
वाराणसी। स्वामी करपात्री जी ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए शास्त्रानुरूप वेद का भाष्य किया था, अन्यथा उत्तरवर्ती भाष्य ही मान्य होते जो समूचे सनातन धर्म के लिए खतरा थे। इसलिए, स्वामी करपात्री जी के विचारों को ही हमें आत्मसात करना चाहिए जिससे धर्म की क्षति होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन

ये बातें प्रो. राममूर्ति चतुर्वेदी ने कही। वे शुक्रवार को दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मंडल में आयोजित ‘वेद भाष्य परम्परा में धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी का योगदान‘ नामक विषयक पर तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन के दूसरे दिन के मुख्य वक्ता रहे।
विज्ञापन

धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 110 वें प्राकट्योत्सव के अवसर पर चल रहे दस दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राममूर्ति ने कहा कि स्वामी जी के प्रत्येक ग्रंथ वेदस्वरूप ही है। बतौर मुख्य अतिथि दिल्ली के डा. गोपाल शर्मा ने कहा कि स्वामी करपात्री जी का भाष्य परम्परानुगत एवं तर्कसंगत है। स्वामी जी ने अपने हर तथ्य को प्रमाण सहित प्रस्तुत किया है। गौ रक्षा के लिए स्वामी जी के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अब सबको गौ रक्षा के लिए एक साथ खड़े होना होगा और गाय की रक्षा का संकल्प लेना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिव्य स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि वेद उपकर्म है, जो वेद को छोड़ अन्य शास्त्रों का अध्ययन करता है, अंत में उन्हें वेद का अध्ययन करना ही पड़ता है। बिना वेद उसका ज्ञान अधूरा है क्याेंकि वेद का कोई अन्त नही है। सायंकालीन सत्र की अध्यक्षता प्रो. रामयत्न शुक्ल ने की। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीकिशोर मिश्र रहे। सम्मेलन में प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. मनोज मिश्रा, डा. गंगाधर मिश्र, डा. सुनील कात्यायन, पंडित विकास दीक्षित आदि ने अपने विचार रखे।
धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी के सानिध्य में सम्मेलन का उद्घाटन वैदिक स्वस्तीवाचन द्वारा हुआ। तत्पश्चात धर्मसम्राट के चित्र पर मार्ल्यापण एवं मंत्र पुष्पांजलि अर्पित कर दीप जलाया गया। कार्यक्त्रस्म संयोजक जगजीतन पांडेय ने अतिथियों को स्मृति चिह्न, माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डा. उमाकान्त शुक्ल ने किया। स्वागत रत्नाकर मिश्र ने किया।


धर्म संघ में गौ सम्मेलन कल
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। गौ रक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजर्षि जयपाल सनातनी ने कहा कि रविवार की शाम 5 बजे धर्मसंघ में एक शाम गौ माता के नाम कवि सम्मेलन और भजन संख्या का कार्यक्रम होगा। इसमें जयपुर के गौ भक्त कवि अब्दुल गफ्फार के अलावा कई गणमान्य लोग आएंगे। इस मौके पर स्वामी करपात्री गौ सेवा सम्मान से सम्मानित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed