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ओडीएफ का हाल
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जौनपुर। जिले को महीने के अंत तक खुले में शौच मुक्त घोषित करना संभव नहीं है। महज 25 दिनों में ओडीएफ प्लस के तहत चयनित लाभार्थियों के घरों में शौचालय बनवाना मुश्किल काम है क्योंकि इसके लिए बजट नहीं है। बजट मिल भी जाए तो इतने कम दिन में एक लाख 20 हजार 865 शौचालयों के निर्माण के लिए प्रशासन को सिर के बल खड़ा होना पड़ जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में चार लाख सात हजार 802 शौचालय बनाकर पिछले साल दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित तो कर दिया गया लेकिन खुले में शौच रुका नहीं। इसकी वजह यह कि एक लाख से अधिक घरों में शौचालय बने ही नहीं थे। दरअसल पहली बार जिले की 2011 की जनसंख्या के हिसाब से शौचालय स्वीकृत किए गए। बाद में नए सिरे से सर्वे कराने पर पता चला कि एक लाख 32 हजार 665 घरों में शौचालय हैं ही नहीं। ऐसे में ओडीएफ बेमानी हो गया। प्रशासन ने तय किया कि 30 मार्च तक इन घरों में शौचालय बनवा दिए जाएंगे। मगर अब तक केवल 11800 शौचालय ही बन पाए। इस तरह ओडीएफ प्लस के चयनित एक लाख 20 हजार 865 शौचालय बन ही नहीं पाए हैं। जिला पंचायत राज विभाग द्वारा ओडीएफ प्लस के तहत चयनित लाभार्थियों के यहां शौचालय बनवाने के लिए154 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसमें महज 39 करोड़ रुपए ही मिले। शेष शौचालयों को बनवाने के लिए 115 करोड़ रुपये की दरकार है।
शासन से बजट की मांग की गई है। लेकिन बजट अभी तक नहीं मिला है। बजट नहीं आने से शौचालय निर्माण की प्रगति काफी धीमी है। वैसे जिन ग्राम पंचायतों में धनराशि है और शौचालय निर्माण हो रहे हैं। उसकी समीक्षा भी की जा रही है। जिससे निर्धारित तिथि में शौचालय का निर्माण पूरा हो जाए और जिला पूरी तरह ओडीएफ घोषित हो जाए
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गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में चार लाख सात हजार 802 शौचालय बनाकर पिछले साल दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित तो कर दिया गया लेकिन खुले में शौच रुका नहीं। इसकी वजह यह कि एक लाख से अधिक घरों में शौचालय बने ही नहीं थे। दरअसल पहली बार जिले की 2011 की जनसंख्या के हिसाब से शौचालय स्वीकृत किए गए। बाद में नए सिरे से सर्वे कराने पर पता चला कि एक लाख 32 हजार 665 घरों में शौचालय हैं ही नहीं। ऐसे में ओडीएफ बेमानी हो गया। प्रशासन ने तय किया कि 30 मार्च तक इन घरों में शौचालय बनवा दिए जाएंगे। मगर अब तक केवल 11800 शौचालय ही बन पाए। इस तरह ओडीएफ प्लस के चयनित एक लाख 20 हजार 865 शौचालय बन ही नहीं पाए हैं। जिला पंचायत राज विभाग द्वारा ओडीएफ प्लस के तहत चयनित लाभार्थियों के यहां शौचालय बनवाने के लिए154 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसमें महज 39 करोड़ रुपए ही मिले। शेष शौचालयों को बनवाने के लिए 115 करोड़ रुपये की दरकार है।
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शासन से बजट की मांग की गई है। लेकिन बजट अभी तक नहीं मिला है। बजट नहीं आने से शौचालय निर्माण की प्रगति काफी धीमी है। वैसे जिन ग्राम पंचायतों में धनराशि है और शौचालय निर्माण हो रहे हैं। उसकी समीक्षा भी की जा रही है। जिससे निर्धारित तिथि में शौचालय का निर्माण पूरा हो जाए और जिला पूरी तरह ओडीएफ घोषित हो जाए
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गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी