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पांच साल से नहीं उपयोग किया जा रहा था कुएं का पानी
Updated Wed, 10 Oct 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। जैतपुरा थाना अंतर्गत बघवानाला स्थित जिस कुएं में बुजुर्ग काशी राजभर, उनके बेटे अनिल और पोते गोविंद की मौत हुई, उसके पानी का पिछले पांच साल से उपयोग नहीं किया जा रहा था। वर्षों पुराने कुआं अत्यधिक गहरा होने के कारण उसकी सफाई भी नहीं हो पा रही थी। हालांकि कुएं का उपयोग न होने के बावजूद उसे ढंका नहीं गया था। इस बीच काशी के परिजन और मुहल्ले के लोग रात भर कुएं के इर्दगिर्द ही मौजूद रहे।
बघवानाला में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद उनके परिजनों के साथ ही मुहल्ले के लोग भी गमगीन दिखे। काशी के दो बेटे सियालाल और अनिल था। सियालाल मुंबई में बहन के पास रहता है। मजदूरी करने वाले अनिल की पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रियंका का कहना था कि उसके दोनों बच्चों और उसकी जिंदगी अब किसके सहारे कटेगी। अनिल तैरना नहीं जानते थे फिर भी न कुएं में क्यों कूद गए। प्रियंका का रोना देख उसे ढांढस बंधाने आई मुहल्ले की महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी। उधर, गोविंद के पिता राधेश्याम, उसकी मां बिटुना, दोनोें भाईयों और एक बहन की हालत भी बेसुधों जैसी थी। पूरा मुहल्ला सभी को ढांढस बंधाने में जुटा हुआ था औ
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बघवानाला में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद उनके परिजनों के साथ ही मुहल्ले के लोग भी गमगीन दिखे। काशी के दो बेटे सियालाल और अनिल था। सियालाल मुंबई में बहन के पास रहता है। मजदूरी करने वाले अनिल की पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रियंका का कहना था कि उसके दोनों बच्चों और उसकी जिंदगी अब किसके सहारे कटेगी। अनिल तैरना नहीं जानते थे फिर भी न कुएं में क्यों कूद गए। प्रियंका का रोना देख उसे ढांढस बंधाने आई मुहल्ले की महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी। उधर, गोविंद के पिता राधेश्याम, उसकी मां बिटुना, दोनोें भाईयों और एक बहन की हालत भी बेसुधों जैसी थी। पूरा मुहल्ला सभी को ढांढस बंधाने में जुटा हुआ था औ
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