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‘पुलिस एक्ट नहीं जानते या अनुपालन नहीं करते‘
Updated Fri, 08 Jun 2018 02:44 AM IST
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वाराणसी। गैर जमानती वारंट तामील न कराने और स्पष्टीकरण के लिए जारी नोटिस का जवाब नहीं देने पर एसएसपी के खिलाफ अदालत ने तल्ख टिप्पणी की है। अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम नरेंद्र कुमार झा की अदालत ने कहा कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करना पुलिस अधिकारी का कर्तव्य है लेकिन एसएसपी ने ऐसा नहीं किया। स्पष्टीकरण का जवाब देना भी उचित नहीं समझा। ये तथ्य दो ही स्थिति स्पष्ट करते हैं या तो एसएसपी को पुलिस एक्ट का ज्ञान नहीं है या फिर उनके द्वारा जानबूझकर अदालत के आदेश के अनुपालन में रुचि नहीं ली जा रही है। दोनों स्थितियां एसएसपी जैसे जिम्मेदार पद के अधिकारी के लिए ठीक नहीं हैं।
कहा कि यह अदालत एसएसपी आरके भारद्वाज द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेती है और उनके आचरण की भर्त्सना करती है। पत्रावली में आरोपी का बयान दर्ज होना है, इस विचारण का जो भी निष्कर्ष होगा, उसके जिम्मेदार एसएसपी होंगे। उनके द्वारा कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण अभियोजन का साक्ष्य समाप्त किया गया है। आदेश की प्रति गृह विभाग लखनऊ को इस निर्देश के साथ भेजी जाती है कि इसे एसएसपी आरके भारद्वाज की चरित्र पंजिका में सुरक्षित रखा जाए।
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कहा कि यह अदालत एसएसपी आरके भारद्वाज द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेती है और उनके आचरण की भर्त्सना करती है। पत्रावली में आरोपी का बयान दर्ज होना है, इस विचारण का जो भी निष्कर्ष होगा, उसके जिम्मेदार एसएसपी होंगे। उनके द्वारा कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण अभियोजन का साक्ष्य समाप्त किया गया है। आदेश की प्रति गृह विभाग लखनऊ को इस निर्देश के साथ भेजी जाती है कि इसे एसएसपी आरके भारद्वाज की चरित्र पंजिका में सुरक्षित रखा जाए।
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