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बैंकिंग व्यवस्था से एनपीए का बोझ कम करने को सरकार प्रयासरत

Sat, 24 Feb 2018 02:20 AM IST
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:20 AM IST
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बैंकिंग व्यवस्था से एनपीए का बोझ कम करने को सरकार प्रयासरत
वाराणसी। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि बैंक दस लाख करोड़ के कर्ज के संकट से जूझ रहा है। बैंकों के पास पुराना एनपीए पड़ा हुआ है जिसे कि वर्तमान सरकार उजागर कर रही है। इसमें से चार लाख करोड़ रुपये का निपटारा हो भी चुका है। बैंकिंग व्यवस्था से एनपीए के बोझ को कम करने के लिए सरकार प्रयास भी कर रही है। बैंकिंग व्यवस्था को स्वायत्तता देकर इसमें सुधार किया जा सकता है। बीएचयू वाणिज्य संकाय की ओर से ‘मूल्य आधारित वित्तीय समृद्धि : एक समसामयिक संकल्प’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुक्रवार को उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं।
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कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था डगमगाई नहीं। अध्यक्षता करते हुए कार्यकारी कुलपति डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि एनएसई और एक्सिस बैंक के साथ मिलकर बीएचयू के छात्र वित्तीय बाजारों के व्यवहारिक ज्ञान रूबरू हो रहे हैं। सेबी के अधिशाषी निदेशक नागेंद्र पारख ने कहा कि वित्तीय बाजार में वित्तीय ज्ञान आज की मांग है। एनएसई के उपाध्यक्ष सुप्रभात लाला ने बताया कि वित्तीय समृद्धि के लिए एनएसई ने वाइब्रेंट डेट मार्केट शुरू किया है। ये एफडी के मुकाबले अधिक प्रत्याय देने वाला विकल्प है। संयोजक प्रो. आशा राम त्रिपाठी ने विषय प्रवर्तन किया। इस मौके पर केएस राव, सूर्यकांत शर्मा, शरद शर्मा, मृत्युंजय शर्मा, डब्ल्यू शर्मा, रेणु भंडारी, सुरेंद्र भाटिया, बी साहू, जीडी दुबे आदि मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन संकाय प्रमुख प्रो. सीपी मल्ल ने किया।
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