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फसलों की बर्बादी रोकने को सक्रिय हुए अधिकारी
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:32 AM IST
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ज्ञानपुर। ज्ञानपुर पंप नहर के सारीपुर से निकलने वाला बाहा वर्षों से बंद है। इससे किसानों की 1000 हेक्टेयर फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसको लेकर किसान परेशान हो गए हैं। बाहा पर कुछ दबंग लोगों ने अतिक्रण कर लिया है, जिससे पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस खबर को अमर उजाला में प्रकाशित होने पर अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार को नहर विभाग के अधिशासी अभियंता केएन जायसवाल, अवर अभियंता धनंजय सिंह, डीसी मनरेगा अजीत सिंह ने बाहा का भौतिक अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद शीघ्र बाहा को खुलवाने की बात कही।
बुधवार को जिला पंचायत सदस्य अखिलेंद्र सिंह बघेल ने जिलाधिकारी से मिलकर उक्त समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ज्ञानपुर पंप नहर के सारीपुर गांव से बाहा निकला है, जो सरई राजपुतानी, सरई मिश्रानी, पूरेदीवान, जखांव, जौहरपुर, झिलिया पुल, गोपपुर, रैपुरी समेत अन्य गावों से होते हुए रामपुर गंगा में जाकर मिलती है। कुछ दबंगो ने बाहा पर अतिक्रमण कर लिया है। जिससे नहर का पानी बाहा से नहीं जा पा रहा है। जिससे किसानों की वर्षों से धान और गेहूं की फलस सूखकर बर्बाद हो रही है। इस समस्या से कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। यही नहीं यह समस्या जिला पंचायत की बैठक में उठ चुका है। सांसद, विधायक के आश्वासन के बाद भी समस्या जस की तस बनी है। उन्होंने कहा था कि इस समस्या के बारे में जिलाधिकारी को कई बार अवगत कराया जा चुका है। मगर समाधान नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि बाहा खुलने से 1000 हेक्टेयर की फसल बर्बाद होने से बच जाएगी। कई गांवों के किसान आबाद हो जाएंगे। यह खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर नहर और मनरेगा के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों की सक्रियता से अब समस्या का समाधान हो सकता है। समस्या का समाधान होने पर 1000 हेक्टेयर फसल सूखने से बच जाएगी। इससे 3000 हजार से अधिक किसान आबाद हो जाएंगे। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान लोकपालक नागेंद्र सिंह, नवीन मिश्र, राजू शुक्ल, जितेंद्र गुप्ता, भोला तिवारी, दिनेश यादव, पिंटू मिश्रा, सूरज सरोज, लक्ष्मण बिंद, आजाद लाल मौर्या, प्रधान अरुन पाल आदि मौजूद थे।
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बुधवार को जिला पंचायत सदस्य अखिलेंद्र सिंह बघेल ने जिलाधिकारी से मिलकर उक्त समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ज्ञानपुर पंप नहर के सारीपुर गांव से बाहा निकला है, जो सरई राजपुतानी, सरई मिश्रानी, पूरेदीवान, जखांव, जौहरपुर, झिलिया पुल, गोपपुर, रैपुरी समेत अन्य गावों से होते हुए रामपुर गंगा में जाकर मिलती है। कुछ दबंगो ने बाहा पर अतिक्रमण कर लिया है। जिससे नहर का पानी बाहा से नहीं जा पा रहा है। जिससे किसानों की वर्षों से धान और गेहूं की फलस सूखकर बर्बाद हो रही है। इस समस्या से कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। यही नहीं यह समस्या जिला पंचायत की बैठक में उठ चुका है। सांसद, विधायक के आश्वासन के बाद भी समस्या जस की तस बनी है। उन्होंने कहा था कि इस समस्या के बारे में जिलाधिकारी को कई बार अवगत कराया जा चुका है। मगर समाधान नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि बाहा खुलने से 1000 हेक्टेयर की फसल बर्बाद होने से बच जाएगी। कई गांवों के किसान आबाद हो जाएंगे। यह खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर नहर और मनरेगा के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों की सक्रियता से अब समस्या का समाधान हो सकता है। समस्या का समाधान होने पर 1000 हेक्टेयर फसल सूखने से बच जाएगी। इससे 3000 हजार से अधिक किसान आबाद हो जाएंगे। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान लोकपालक नागेंद्र सिंह, नवीन मिश्र, राजू शुक्ल, जितेंद्र गुप्ता, भोला तिवारी, दिनेश यादव, पिंटू मिश्रा, सूरज सरोज, लक्ष्मण बिंद, आजाद लाल मौर्या, प्रधान अरुन पाल आदि मौजूद थे।
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