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डीयर पार्क में गूंजेगा ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’
Updated Wed, 22 Nov 2017 02:02 AM IST
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सारनाथ। पूर्वांचल के इकलौते पक्षी विहार की निगरानी अब तीसरी आंख से होगी। इसके साथ ही भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ के डियर पार्क में ‘हर-हर महादेव शंभू’ और ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ की धुन गूंजेगी। नवंबर के अंत तक डियर पार्क व पक्षी विहार की निगरानी के लिए दर्जन भर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
पक्षी विहार देशी-विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। यहां दुर्लभ प्रजाति के निलसर, सुरखाब, लव बर्ड, सारस, सफेद बुज्ज़ा, गोल्डन पिजेंट, जाँघिल, बतख, मुनिया, तोता सहित कई प्रजाति के पक्षी मौजूद हैं। वही पांच एकड़ में फैले डियर पार्क में काले हिरण सहित दर्जनों की संख्या में चीतल भी है। इन्हें देखने के लिए देश-विदेश के काफ ी संख्या में लोग आते हैं।
डियर पार्क और पक्षी विहार पर सालाना खर्च 15 से 16 लाख रुपये का है। वन क्षेत्राधिकारी मूलचंद ने बताया कि पार्क की सुरक्षा के लिए दर्जन भर नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। परिसर में बने कैंटीन को मॉडर्न रूप में विकसित किया जाएगा। बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत बुद्ध मंदिर प्रांगण के लॉन के सुंदरीकरण के साथ साथ दूधिया रंग की रोशनी वाली लाइट लगाई जाएगी।
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पक्षी विहार देशी-विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। यहां दुर्लभ प्रजाति के निलसर, सुरखाब, लव बर्ड, सारस, सफेद बुज्ज़ा, गोल्डन पिजेंट, जाँघिल, बतख, मुनिया, तोता सहित कई प्रजाति के पक्षी मौजूद हैं। वही पांच एकड़ में फैले डियर पार्क में काले हिरण सहित दर्जनों की संख्या में चीतल भी है। इन्हें देखने के लिए देश-विदेश के काफ ी संख्या में लोग आते हैं।
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डियर पार्क और पक्षी विहार पर सालाना खर्च 15 से 16 लाख रुपये का है। वन क्षेत्राधिकारी मूलचंद ने बताया कि पार्क की सुरक्षा के लिए दर्जन भर नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। परिसर में बने कैंटीन को मॉडर्न रूप में विकसित किया जाएगा। बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत बुद्ध मंदिर प्रांगण के लॉन के सुंदरीकरण के साथ साथ दूधिया रंग की रोशनी वाली लाइट लगाई जाएगी।
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