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बंदीरक्षक निलंबित, दो बंदियों पर मुकदमा
Updated Mon, 04 Sep 2017 02:11 AM IST
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वाराणसी। जिला जेल में बंद उदय प्रताप की जगह पेशी पर करण गुप्ता के जाने और उसके फरार होने के मामले में रविवार को बंदीरक्षक राम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया। साथ ही बंदी करण और इस साजिश का हिस्सा रहे उदय के खिलाफ जेल प्रशासन ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, जेलर और डिप्टी जेलर को गंभीरता के साथ ड्यूटी करने की ताकीद की गई है।
जिला जेल की बैरक नंबर छह में उदय प्रताप और करण गुप्ता बंद थे। शुक्रवार को उदय प्रताप को चंदौली स्थित सीजेएम कोर्ट में पेशी पर जाना था। इसी दौरान दोनों ने साजिश रची और उदय की जगह करण पेशी पर चला गया। पेशी के बाद कोर्ट से बाहर निकलते ही सिपाही से हाथ छुड़ाकर करण भाग निकला। बंदी उदय की जगह करण पेशी पर कैसे गया, इस मामले की जांच जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने की। वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि बंदीरक्षक राम सिंह यादव ने यदि सतर्कता बरतता तो करण पेशी पर न जाने पाता। इसीलिए राम सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पूछताछ में यह सामने आया है कि उदय के साथ साजिश रच कर करण उसकी जगह पेशी पर गया और फिर फरार हुआ। इस आरोप में दोनों बंदियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही जेलर और डिप्टी जेलर को मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने की ताकीद की गई है। दोबारा गड़बड़ी पाई गई तो जेलर के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी।
जवाबदेही तो सबकी, कार्रवाई एक पर क्यों
बंदीरक्षक राम सिंह यादव पर कार्रवाई से उसके सहकर्मियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बंदी उदय की जगह करण पेशी पर गया, इसके लिए बंदीरक्षक के साथ ही संबंधित बैरक के डिप्टी जेलर और जेलर भी जिम्मेदार हैं। इन अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वहीं, वरिष्ठ अधीक्षक का कहना है कि जांच में जिसकी गलती पाई गई, उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है।
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जिला जेल की बैरक नंबर छह में उदय प्रताप और करण गुप्ता बंद थे। शुक्रवार को उदय प्रताप को चंदौली स्थित सीजेएम कोर्ट में पेशी पर जाना था। इसी दौरान दोनों ने साजिश रची और उदय की जगह करण पेशी पर चला गया। पेशी के बाद कोर्ट से बाहर निकलते ही सिपाही से हाथ छुड़ाकर करण भाग निकला। बंदी उदय की जगह करण पेशी पर कैसे गया, इस मामले की जांच जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने की। वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि बंदीरक्षक राम सिंह यादव ने यदि सतर्कता बरतता तो करण पेशी पर न जाने पाता। इसीलिए राम सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पूछताछ में यह सामने आया है कि उदय के साथ साजिश रच कर करण उसकी जगह पेशी पर गया और फिर फरार हुआ। इस आरोप में दोनों बंदियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही जेलर और डिप्टी जेलर को मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने की ताकीद की गई है। दोबारा गड़बड़ी पाई गई तो जेलर के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी।
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जवाबदेही तो सबकी, कार्रवाई एक पर क्यों
बंदीरक्षक राम सिंह यादव पर कार्रवाई से उसके सहकर्मियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बंदी उदय की जगह करण पेशी पर गया, इसके लिए बंदीरक्षक के साथ ही संबंधित बैरक के डिप्टी जेलर और जेलर भी जिम्मेदार हैं। इन अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वहीं, वरिष्ठ अधीक्षक का कहना है कि जांच में जिसकी गलती पाई गई, उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है।
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