{"_id":"5d0fe43d8ebc3e58f66c0d1e","slug":"156132254015-varanasi-news18","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगदारी मांगने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री के भतीजे की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंगदारी मांगने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री के भतीजे की तलाश
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वाराणसी। लखनऊ जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उसके परिजनों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जंगमबाड़ी के फर्नीचर व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री के भतीजे सुल्तानपुर निवासी अरुण प्रजापति के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। क्राइम ब्रांच ने सुल्तानपुर में छापेमारी की, लेकिन अरुण का पता नहीं चला।
जंगमबाड़ी निवासी फर्नीचर व्यापारी अरविंद तिवारी ने दशाश्वमेध थाने में 30 जून 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि सोनभद्र में बालू खनन के टेंडर में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कमीशन मांगा और न देने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। अरविंद की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने लखनऊ से गायत्री के साथ जेल में बंद अशोक तिवारी के बेटे आशुतोष तिवारी और उसके चपरासी मान सिंह रावत को जुलाई 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना के दौरान गायत्री को क्लीन चिट देने के आरोप में तत्कालीन दशाश्वमेध थानाध्यक्ष बालकृष्ण शुक्ल और विवेचक जयप्रकाश को एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने निलंबित कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने बताया कि व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले की तफ्तीश में अरुण प्रजापति के खिलाफ भी र्याप्त साक्ष्य मिले हैं। अरुण के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने सुल्तानपुर में छापेमारी की, लेकिन अरुण का पता नहीं लगा। सुल्तानपुर पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है और अरुण की तलाश जारी है।
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जंगमबाड़ी निवासी फर्नीचर व्यापारी अरविंद तिवारी ने दशाश्वमेध थाने में 30 जून 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि सोनभद्र में बालू खनन के टेंडर में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कमीशन मांगा और न देने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। अरविंद की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने लखनऊ से गायत्री के साथ जेल में बंद अशोक तिवारी के बेटे आशुतोष तिवारी और उसके चपरासी मान सिंह रावत को जुलाई 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना के दौरान गायत्री को क्लीन चिट देने के आरोप में तत्कालीन दशाश्वमेध थानाध्यक्ष बालकृष्ण शुक्ल और विवेचक जयप्रकाश को एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने निलंबित कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
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एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने बताया कि व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले की तफ्तीश में अरुण प्रजापति के खिलाफ भी र्याप्त साक्ष्य मिले हैं। अरुण के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने सुल्तानपुर में छापेमारी की, लेकिन अरुण का पता नहीं लगा। सुल्तानपुर पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है और अरुण की तलाश जारी है।
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