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हिंदू सेवा सदन अस्पताल में ओपीडी बंद
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वाराणसी। सीएमओ के आदेश के बाद बांसफाटक स्थित हिंदू सेवा सदन चिकित्सालय में ओपीडी शनिवार को बंद रही। नए मरीज भर्ती करने पर भी रोक लगा दी गई। इस बीच पहले से भर्ती कुछ मरीजों को परिजन दूसरे अस्पतालों में लेकर चले गए। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने ओपीडी शुरू होने की बात कहते हुए सोमवार को इस मामले में डीएम से मिलने का निर्णय लिया है।
हिंदू सेवा सदन में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक विधि से उपचार किया जाता है। यहां सुबह 9 से 11 बजे तक चलने वाली ओपीडी में औसतन हर दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। सीएमओ ने चार जून के आदेश में जांच के दौरान अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक न मिलने, फायर सर्विस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी न होने का जिक्र करते हुए ओपीडी, भर्ती सेवा बंद करने के साथ ही सीएमओ कार्यालय के पंजीकरण को भी स्थगित कर दिया था। हर दिन की तरह शनिवार को जब मरीज ओपीडी में पहुंचे तो गेट पर बैठे कर्मचारी ने ओपीडी न चलने की जानकारी दी और मरीजों को लौटा दिया। सीएमओ का आदेश भी शनिवार सुबह अस्पताल में पहुंच गया।
आठ जनवरी को अस्पताल में ओपीडी में एमबीबीएस चिकित्सक न होने और आग से बचाव की व्यवस्था न होने के बाद भी अस्पताल का संचालन करने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी। डीएम के निर्देश पर 23 जनवरी, सात फरवरी और चार अप्रैल 2019 को एडिशनल सीएमओ डॉ. जंग बहादुर और डॉ. पीयूष राय ने जांच कर सीएमओ को रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद 11 मार्च, 28/29 मार्च को नोटिस देकर प्रबंधन से जवाब मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन ने 13 फरवरी और 26 मार्च को जवाब दिया। जवाब संतोषजनक न होने की बात कहते हुए सीएमओ ने 28/29 मार्च को आदेश जारी कर ओपीडी बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि इसके बाद भी ओपीडी चलती रही। चार अप्रैल को दोबारा शिकायत के बाद ओपीडी और भर्ती सेवा बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
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हिंदू सेवा सदन में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक विधि से उपचार किया जाता है। यहां सुबह 9 से 11 बजे तक चलने वाली ओपीडी में औसतन हर दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। सीएमओ ने चार जून के आदेश में जांच के दौरान अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक न मिलने, फायर सर्विस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी न होने का जिक्र करते हुए ओपीडी, भर्ती सेवा बंद करने के साथ ही सीएमओ कार्यालय के पंजीकरण को भी स्थगित कर दिया था। हर दिन की तरह शनिवार को जब मरीज ओपीडी में पहुंचे तो गेट पर बैठे कर्मचारी ने ओपीडी न चलने की जानकारी दी और मरीजों को लौटा दिया। सीएमओ का आदेश भी शनिवार सुबह अस्पताल में पहुंच गया।
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आठ जनवरी को अस्पताल में ओपीडी में एमबीबीएस चिकित्सक न होने और आग से बचाव की व्यवस्था न होने के बाद भी अस्पताल का संचालन करने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी। डीएम के निर्देश पर 23 जनवरी, सात फरवरी और चार अप्रैल 2019 को एडिशनल सीएमओ डॉ. जंग बहादुर और डॉ. पीयूष राय ने जांच कर सीएमओ को रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद 11 मार्च, 28/29 मार्च को नोटिस देकर प्रबंधन से जवाब मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन ने 13 फरवरी और 26 मार्च को जवाब दिया। जवाब संतोषजनक न होने की बात कहते हुए सीएमओ ने 28/29 मार्च को आदेश जारी कर ओपीडी बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि इसके बाद भी ओपीडी चलती रही। चार अप्रैल को दोबारा शिकायत के बाद ओपीडी और भर्ती सेवा बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
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