{"_id":"5cfac85fbdec2207402ec931","slug":"155993916117-varanasi-news35","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन औषधि केंद्र और ओपीडी का समय सुधरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन औषधि केंद्र और ओपीडी का समय सुधरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। रामनगर लाल बहादुर शास्त्री जिला अस्पताल में देर से खुलने वाला जन औषधि केंद्र अब समय से खुलने लगा। इसके अलावा जो ओपीडी सुबह नौ बजे से पहले नहीं शुरू होती थी, उसके समय में सुधार हो गया है। अब यहां चिकित्सक आठ बजे आ जा रहे हैं। मरीजों की समस्याओं, चिकित्सकों की लेटलतीफी पर अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद अब अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने चिकित्सकों को समय से ओपीडी में आने का निर्देश दिया है। इसके अलावा वार्डों सहित अन्य जगहों पर साफ-सफाई की मानीटरिंग कराई जा रही है।
मरीजों को सही दाम पर दवाइयां मिल सकें और उन्हें परेशान न होना पड़े, इसके लिए सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खुलवाया गया है। यहां एक तो पूरी दवाइयां नहीं मिल पाती हैं, दूसरे समय से खुलता भी नहीं है। इस वजह से मरीजों को बाहर से दवाइयां लेनी पड़ती हैं। पिछले कई दिनों से केंद्र सुबह 10 बजे के बाद ही खुलता था, जबकि ओपीडी में मरीज सुबह 8 बजे से आने लगते हैं। इसके अलावा सुबह 8 बजे से दो बजे तक चलने वाली अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था भी बेपटरी हो गई थी। मरीज कमरे के बाहर पर्चा कटाकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते थे। हालत यह थी कि यहां 9 बजे के पहले ओपीडी नहीं शुरू हो पा रही थी। अब ओपीडी का समय सुधर गया है और चिकित्सक 8 बजे से आने लगे हैं। इसके अलावा वार्डों में पड़े सामानों का रख-रखाव भी सही ढंग से कराया जा रहा है।
विज्ञापन
मरीजों को सही दाम पर दवाइयां मिल सकें और उन्हें परेशान न होना पड़े, इसके लिए सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खुलवाया गया है। यहां एक तो पूरी दवाइयां नहीं मिल पाती हैं, दूसरे समय से खुलता भी नहीं है। इस वजह से मरीजों को बाहर से दवाइयां लेनी पड़ती हैं। पिछले कई दिनों से केंद्र सुबह 10 बजे के बाद ही खुलता था, जबकि ओपीडी में मरीज सुबह 8 बजे से आने लगते हैं। इसके अलावा सुबह 8 बजे से दो बजे तक चलने वाली अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था भी बेपटरी हो गई थी। मरीज कमरे के बाहर पर्चा कटाकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते थे। हालत यह थी कि यहां 9 बजे के पहले ओपीडी नहीं शुरू हो पा रही थी। अब ओपीडी का समय सुधर गया है और चिकित्सक 8 बजे से आने लगे हैं। इसके अलावा वार्डों में पड़े सामानों का रख-रखाव भी सही ढंग से कराया जा रहा है।
विज्ञापन