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यूपीपीएससी में भ्रष्टाचार के खिलाफ निकाला मशाल जुलूस
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में अनियमितता और भ्रष्टाचार के विरोध में सोमवार को छात्रों ने भारत माता मंदिर से जुलूस निकाला। शहीद उद्यान सिगरा तक निकले जुलूस के माध्यम से छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक समेत सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही छात्र हित में सभी स्थगित परीक्षाओं को शुरू कराने की मांग की। इससे पहले भारत माता मंदिर परिसर में हुई बैठक में मांगें न माने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बीएचयू, काशी विद्यापीठ, संस्कृत विश्वविद्यालय के साथ ही महाविद्यालयों के छात्र नेताओं ने मशाल जुलूस से पहले बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए विनय शंकर राय मुन्ना ने कहा कि आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार से सरकार के क्रियाकलापों पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल में एलटी ग्रेड, अवर अभियंता, समीक्षा अधिकारी और पीसीएस परीक्षाओं के परिणाम ही नहीं जारी हो पाए। इस पर कार्रवाई के बजाय सरकार ने परीक्षाओं को टाल दिया जो छात्र हित में नहीं है। मांग की कि लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा आयोग के अधीन कर देना चाहिए।
विकास सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने आयोग की निष्पक्ष सीबीआई जांच की बात कही थी, लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लीपापोती शुरू हो गई। जब इसमें भाजपा नेता फंसने लगे तो सीबीआई के जांच अधिकारी आईपीएस राजीव रंजन का तबादला कर दिया गया। इस दौरान संजीव सिंह, नीरज सिंह, डॉ. अनूप श्रमिक, रामायण पटेल, अनुराग पांडेय, अवंतिका, युवराज, निर्भय, रजत और दीपक आदि मौजूद रहे।
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बीएचयू, काशी विद्यापीठ, संस्कृत विश्वविद्यालय के साथ ही महाविद्यालयों के छात्र नेताओं ने मशाल जुलूस से पहले बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए विनय शंकर राय मुन्ना ने कहा कि आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार से सरकार के क्रियाकलापों पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल में एलटी ग्रेड, अवर अभियंता, समीक्षा अधिकारी और पीसीएस परीक्षाओं के परिणाम ही नहीं जारी हो पाए। इस पर कार्रवाई के बजाय सरकार ने परीक्षाओं को टाल दिया जो छात्र हित में नहीं है। मांग की कि लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा आयोग के अधीन कर देना चाहिए।
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विकास सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने आयोग की निष्पक्ष सीबीआई जांच की बात कही थी, लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लीपापोती शुरू हो गई। जब इसमें भाजपा नेता फंसने लगे तो सीबीआई के जांच अधिकारी आईपीएस राजीव रंजन का तबादला कर दिया गया। इस दौरान संजीव सिंह, नीरज सिंह, डॉ. अनूप श्रमिक, रामायण पटेल, अनुराग पांडेय, अवंतिका, युवराज, निर्भय, रजत और दीपक आदि मौजूद रहे।
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