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काशी विद्यापीठ में पढ़ना अब महंगा
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में नए सत्र से स्नातक, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की परीक्षा फीस बढ़ जाएगी। इसमें 30 से 50 प्रतिशत तक फीस की बढ़ोत्तरी होगी। किस पाठ्यक्रम की फीस कितनी होगी, इसका अभी निर्धारण होना बाकी है। गुरुवार को हुई वित्त समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद फीस बढ़ाने की कार्यवाही शुरू होगी।
कुलपति प्रो. टीएन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके अलावा कई अहम फैसले लिए गए। इसमें विश्वविद्यालय में चलने वाले एलएलबी पांच वर्षीय कोर्स के लिए प्रति सेमेस्टर 25 हजार रुपये फीस लेने का निर्णय हुआ। कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि इसके अलावा गंगापुर, एनटीपीसी और मुख्य परिसर में चलने वाले स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग पदों का सृजन भी किया जाएगा। शिक्षकों के 64, कर्मचारियों के 68 नए पद सृजित होंगे। बैठक में वित्त अधिकारी आनंद प्रकाश राय, अपर निदेशक कोषागार लक्ष्मी शुक्ल, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश, अवध विश्वविद्यालय के पूर्व वित्त अधिकारी आरपी सिंह मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. टीएन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके अलावा कई अहम फैसले लिए गए। इसमें विश्वविद्यालय में चलने वाले एलएलबी पांच वर्षीय कोर्स के लिए प्रति सेमेस्टर 25 हजार रुपये फीस लेने का निर्णय हुआ। कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि इसके अलावा गंगापुर, एनटीपीसी और मुख्य परिसर में चलने वाले स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग पदों का सृजन भी किया जाएगा। शिक्षकों के 64, कर्मचारियों के 68 नए पद सृजित होंगे। बैठक में वित्त अधिकारी आनंद प्रकाश राय, अपर निदेशक कोषागार लक्ष्मी शुक्ल, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश, अवध विश्वविद्यालय के पूर्व वित्त अधिकारी आरपी सिंह मौजूद रहे।
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