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रमेश के त्रयोदशाह से पहले कार्रवाई से सभी गदगद
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चौबेपुर। तोफापुर गांव के शहीद रमेश का त्रयोदशाह 28 फरवरी को है। इससे पहले ही वायुसेना के जांबाजों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों का बदला ले लिया। रमेश की आत्मा की शांति के लिए मंगलवार को बलुआ घाट पर पिता श्याम नारायण और भाई राजेश ने पुरोहितों के साथ श्राद्ध एवं तर्पण किया।
शहीद के चचेरे भाई सभाजीत यादव ने कहा-त्रयोदशाह से पहले ही वायुसेना ने बदला लेकर दुनिया में हिंदुस्तान को अलग पहचान दी है। पिता श्याम नारायण ने बताया कि राज्य सरकार ने जितनी आर्थिक मदद की घोषणा की थी, वह उनके बैंक खाते में आ गई है। स्वयंसेवी संस्थाएं और आमजन भी आर्थिक मदद के लिए घर आ रहे हैं। घर में बिजली आ गई है और गांव के सेकेट्री ने शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए हैं।
उधर, मंगलवार को शिक्षक प्रमोद पटेल, पीयूष मालवीय, बीएन यादव, एहतेशामुल हक, शिवादत्त चौबे, नौशाद सहित अन्य शहीद के घर पहुंचे और उनकी पत्नी रेनू को 30,500 रुपये की मदद दी। वहीं, शहीद
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रमेश का सामान लेकर पहुंचा सीआरपीएफ जवान
चिरईगांव। शहीद रमेश के घर उनका सामान लेकर मंगलवार को सीआरपीएफ के जवान धीरेंद्र प्रताप पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। पत्नी रेनू और मां राजमती देवी शहीद के कपड़े और अन्य सामान देख बेसुध हो गईं। पिता को परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से संभाला।
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शहीद के चचेरे भाई सभाजीत यादव ने कहा-त्रयोदशाह से पहले ही वायुसेना ने बदला लेकर दुनिया में हिंदुस्तान को अलग पहचान दी है। पिता श्याम नारायण ने बताया कि राज्य सरकार ने जितनी आर्थिक मदद की घोषणा की थी, वह उनके बैंक खाते में आ गई है। स्वयंसेवी संस्थाएं और आमजन भी आर्थिक मदद के लिए घर आ रहे हैं। घर में बिजली आ गई है और गांव के सेकेट्री ने शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए हैं।
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उधर, मंगलवार को शिक्षक प्रमोद पटेल, पीयूष मालवीय, बीएन यादव, एहतेशामुल हक, शिवादत्त चौबे, नौशाद सहित अन्य शहीद के घर पहुंचे और उनकी पत्नी रेनू को 30,500 रुपये की मदद दी। वहीं, शहीद
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रमेश का सामान लेकर पहुंचा सीआरपीएफ जवान
चिरईगांव। शहीद रमेश के घर उनका सामान लेकर मंगलवार को सीआरपीएफ के जवान धीरेंद्र प्रताप पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। पत्नी रेनू और मां राजमती देवी शहीद के कपड़े और अन्य सामान देख बेसुध हो गईं। पिता को परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से संभाला।