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छात्रों ने फूंका कुलपति का पुतला
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बलिया। टाउन पीजी कालेज के छात्रों ने छात्रनेता अश्वनी सिंह लिटिल के नेतृत्व में टीडी कालेज चौराहे पर जननायक चंद्रशेखर विवि के कुलपति योगेंद्र सिंह का पुतला दहन किया। इस दौरान छात्रनेताओं ने कुलपति पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रनेता अश्वनी सिंह ने कहा कि विवि के कुलपति की तानाशाही बर्दाश्त करने लायक नहीं है। उन्होंने जिस प्रकार बीएससी कृषि पाठ्यक्रम के प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों में भारी कटौती किया है उसे देखकर लगता है कि वे छात्रों के हितैषी नहीं बल्कि एक तानाशाह कुलपति हैं। उन्हें विवि के विकास से नहीं बल्कि अपने विकास से मतलब है।
छात्रनेता मयंक शेखर ने कहा विवि में जहां भी वार्षिक परीक्षा प्राणली है, वहां पर बीएससी कृषि में 50 फीसदी लिखित और 50 फीसदी प्रयोगात्मक अंक का निर्धारण है। हमारे यहां भी यही व्यवस्था चल रही थी। जिसे कुलपति ने समाप्त करने का कुचक्र रचा है। कहा कि हम लोग किसी भी हालत में कुलपति की तानाशाही चलने नहीं देंगे। इस मौके पर प्रिया दुबे, सुमन यादव, शिवानी मिश्रा, मुस्कान सिंह, रागिनी मिश्रा, आदित्य सिंह, चंद्रकांत सिंह, अमन मिश्र, प्रशांत राय, रवि दुबे, दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।
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इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र दूसरे दिन किसी मुद्दे को लेकर कालेज परिसर में आमरण अनशन पर बैठे रहे। इस दौरान आंदोलन को और तेजगति देने की योजना बनाई गई। बैठक में राज्यपाल, शिक्षामंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र लिखने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कुलपति द्वारा जननायक चंद्रशेखर विवि में जानबूझकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। धरने पर बैठे पंकज राय ने बताया कि जब तक छात्रों के साथ न्याय नहीं होता आमरण अनशन पर बैठा रहूंगा। इस मौके पर विनोद, राकेश गुप्ता, संदीप, शिखा राय, प्रीतम चौरसिया, कृति राय आदि मौजूद रहे।
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छात्रनेता अश्वनी सिंह ने कहा कि विवि के कुलपति की तानाशाही बर्दाश्त करने लायक नहीं है। उन्होंने जिस प्रकार बीएससी कृषि पाठ्यक्रम के प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों में भारी कटौती किया है उसे देखकर लगता है कि वे छात्रों के हितैषी नहीं बल्कि एक तानाशाह कुलपति हैं। उन्हें विवि के विकास से नहीं बल्कि अपने विकास से मतलब है।
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छात्रनेता मयंक शेखर ने कहा विवि में जहां भी वार्षिक परीक्षा प्राणली है, वहां पर बीएससी कृषि में 50 फीसदी लिखित और 50 फीसदी प्रयोगात्मक अंक का निर्धारण है। हमारे यहां भी यही व्यवस्था चल रही थी। जिसे कुलपति ने समाप्त करने का कुचक्र रचा है। कहा कि हम लोग किसी भी हालत में कुलपति की तानाशाही चलने नहीं देंगे। इस मौके पर प्रिया दुबे, सुमन यादव, शिवानी मिश्रा, मुस्कान सिंह, रागिनी मिश्रा, आदित्य सिंह, चंद्रकांत सिंह, अमन मिश्र, प्रशांत राय, रवि दुबे, दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।
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इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र दूसरे दिन किसी मुद्दे को लेकर कालेज परिसर में आमरण अनशन पर बैठे रहे। इस दौरान आंदोलन को और तेजगति देने की योजना बनाई गई। बैठक में राज्यपाल, शिक्षामंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र लिखने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कुलपति द्वारा जननायक चंद्रशेखर विवि में जानबूझकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। धरने पर बैठे पंकज राय ने बताया कि जब तक छात्रों के साथ न्याय नहीं होता आमरण अनशन पर बैठा रहूंगा। इस मौके पर विनोद, राकेश गुप्ता, संदीप, शिखा राय, प्रीतम चौरसिया, कृति राय आदि मौजूद रहे।