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अलग-अलग प्रदेशों की कला और पर्यटन से रूबरू हुए लोग
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वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान प्रवासी विभिन्न प्रदेशों के स्टालों पर भारतीय विविधता से भी रूबरू हुए। प्रदेशों ने अपने-अपने क्षेत्र की कला के साथ ही पर्यटन स्थलों को रोचक अंदाज में पेश किया। संस्कृति और अध्यात्म का ध्यान रखा गया।
मध्य प्रदेश के स्टाल पर प्रमुख पर्यटन स्थलों को उभारने के साथ ही कुटीर उद्योग की खूबसूरती भी देखने को मिली। स्टाल के एक कोने में यूनेस्को अवार्डी फारुख प्रिंटिंग की कला का प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह कला 1000 साल पुरानी है। इसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता है। स्थानीय अधिकारी किशन राव ने बंबू जूट क्राफ्ट सहित अन्य शिल्पों की जानकारी दी।
हरियाणा के स्टाल पर रथ पर सवार अर्जुन को गीता का उपदेश देते श्रीकृष्ण की प्रदर्शनी लोगों को आकर्षित करती रही। झारखंड के स्टाल पर देवघर व अन्य पर्यटक स्थलों को उभारा गया था। गुजरात के स्टाल पर विकास के अलावा उद्योग आदि की प्रस्तुति देखने को मिली। वहीं उत्तर प्रदेश के पर्यटन कार्यालय पर कुंभ की ब्रांडिंग दिखी। विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों ने अपनी बहुउद्देशीय योजनाओं की स्थिति और इससे होने वाले लाभ का प्रस्तुतीकरण दिया। गेल, इंडेन, स्वच्छ भारत मिशन, केंद्रीय पर्यटन के स्टाल भी लगे रहे। अटल पटल में लोग भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व के साथ ही उनकी कविताओं के बारे में जानने के लिए उत्सुक दिखे।
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मध्य प्रदेश के स्टाल पर प्रमुख पर्यटन स्थलों को उभारने के साथ ही कुटीर उद्योग की खूबसूरती भी देखने को मिली। स्टाल के एक कोने में यूनेस्को अवार्डी फारुख प्रिंटिंग की कला का प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह कला 1000 साल पुरानी है। इसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता है। स्थानीय अधिकारी किशन राव ने बंबू जूट क्राफ्ट सहित अन्य शिल्पों की जानकारी दी।
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हरियाणा के स्टाल पर रथ पर सवार अर्जुन को गीता का उपदेश देते श्रीकृष्ण की प्रदर्शनी लोगों को आकर्षित करती रही। झारखंड के स्टाल पर देवघर व अन्य पर्यटक स्थलों को उभारा गया था। गुजरात के स्टाल पर विकास के अलावा उद्योग आदि की प्रस्तुति देखने को मिली। वहीं उत्तर प्रदेश के पर्यटन कार्यालय पर कुंभ की ब्रांडिंग दिखी। विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों ने अपनी बहुउद्देशीय योजनाओं की स्थिति और इससे होने वाले लाभ का प्रस्तुतीकरण दिया। गेल, इंडेन, स्वच्छ भारत मिशन, केंद्रीय पर्यटन के स्टाल भी लगे रहे। अटल पटल में लोग भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व के साथ ही उनकी कविताओं के बारे में जानने के लिए उत्सुक दिखे।
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