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लोन माफी योजना अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक 0
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। केंद्र व राज्यों में वित्तीय अनुशासन की भारी कमी, आर्थिक सुधाराें के मूल सिद्धांतों से भटकाव, कृषि क्षेत्र के गहराते संकट और पूंजीगत व सामाजिक अवस्थापनाओं के निवेश में कमी ही भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल कारण है। कहा कि किसानों के सतत लोन माफी योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी योजनाएं भारतीय अर्थव्यवस्था के सेहत के लिए नुकसानदायक है। ये बातें 15वें वित्त आयोग के सदस्य प्रो. अशोक कुमार लाहिड़ी ने बीएचयू अर्थशास्त्र विभाग के शताब्दी वर्ष पर शुक्रवार को आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
‘आर्थिक सुधार के 25 साल के उपरांत विकास की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में उन्होंने आगे कहा कि दुग्ध उत्पादन के मॉडल को कृषि के अन्य उत्पादों पर भी लागू करना चाहिए। इससे कृषि क्षेत्र को स्थायित्व मिलेगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. जयकांत तिवारी ने कहा कि गरीबी, असमानता, बेरोजगारी, विभेद, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्राें में बढ़ती चुनौतियों का समाधान करना जरूरी है। अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने की। स्वागत अध्यक्ष प्रो. एके गौड़ ने किया। संयोजन प्रो. भूपेंद्र विक्रम सिंह व प्रो. एनके मिश्रा का रहा। अर्थशास्त्र विभाग के सौ साल का खाका प्रो. किरण बर्मन ने प्रस्तुत किया। डॉ. अनूप मिश्र द्वारा संपादित ‘जर्नल आफ इकनामिक्स एंड कामर्स’ के नए अंक का विमोचन हुआ। संचालन प्रो. राकेश रमन व धन्यवाद ज्ञापन प्रो. जेबी कुमरैया ने किया।
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‘आर्थिक सुधार के 25 साल के उपरांत विकास की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में उन्होंने आगे कहा कि दुग्ध उत्पादन के मॉडल को कृषि के अन्य उत्पादों पर भी लागू करना चाहिए। इससे कृषि क्षेत्र को स्थायित्व मिलेगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. जयकांत तिवारी ने कहा कि गरीबी, असमानता, बेरोजगारी, विभेद, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्राें में बढ़ती चुनौतियों का समाधान करना जरूरी है। अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने की। स्वागत अध्यक्ष प्रो. एके गौड़ ने किया। संयोजन प्रो. भूपेंद्र विक्रम सिंह व प्रो. एनके मिश्रा का रहा। अर्थशास्त्र विभाग के सौ साल का खाका प्रो. किरण बर्मन ने प्रस्तुत किया। डॉ. अनूप मिश्र द्वारा संपादित ‘जर्नल आफ इकनामिक्स एंड कामर्स’ के नए अंक का विमोचन हुआ। संचालन प्रो. राकेश रमन व धन्यवाद ज्ञापन प्रो. जेबी कुमरैया ने किया।
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