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समानता से आएगा समाज में बदलाव
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:36 AM IST
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जंगीगंज। मोक्षदायनी गंगा के पावन तट पर पुरवा इब्राहिमपुर स्थित महाशक्तिपीठ अजोराधाम का चौथा वार्षिकोत्सव सोमवार धार्मिक अनुष्ठान के साथ शुरू हुआ। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने सामाजिक बदलाव के लिए समानता पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि समाज में चार व्यवस्थाएं प्रमुख हैं- शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और न्याय। इनमें समुचित सुधार हो जाए तो समाज की वास्तविक उन्नति होगी। उन्होंने कहा कि जब तक अमीर और गरीब सबके लिए एक जैसा विद्यालय और एक समान अस्पताल नहीं होगा, तब तक व्यवस्था नहीं सुधरेगी। इसी तरह अपराध करने पर सभी के लिए कानून व्यवस्था समान होनी चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जहां ज्ञान का प्रकाश होता है, वही तीर्थ क्षेत्र कहलाता है। अजोरा, जिसका अर्थ उजाला होता है, वह महाशक्ति पीठ है। उन्होंने कहा कि फिल्मों में गलत इतिहास दिखाने पर विरोध किया जा रहा है, जबकि बहिष्कार होना चाहिए। जगत जननी माता करुणामयी होती है। भक्त के अपराध, अज्ञानता को वह क्षमा कर देती है। कार्यक्रम के आयोजक परमेश्वर नाथ मिश्र ने कहा कि संतों का चरण पड़ने से पूरा क्षेत्र तीर्थ बन जाता है। इस मौके पर रेखा मिश्रा, प्रतीक मिश्र, प्रियंवदा त्रिपाठी, प्रज्ञा तिवारी, आदित्य कौशिक, हीरामणी यादव, राजेन्द्र मिश्र, पवन यादव, बबलू मिश्र, चंदन सिंह आदि रहे।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि समाज में चार व्यवस्थाएं प्रमुख हैं- शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और न्याय। इनमें समुचित सुधार हो जाए तो समाज की वास्तविक उन्नति होगी। उन्होंने कहा कि जब तक अमीर और गरीब सबके लिए एक जैसा विद्यालय और एक समान अस्पताल नहीं होगा, तब तक व्यवस्था नहीं सुधरेगी। इसी तरह अपराध करने पर सभी के लिए कानून व्यवस्था समान होनी चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जहां ज्ञान का प्रकाश होता है, वही तीर्थ क्षेत्र कहलाता है। अजोरा, जिसका अर्थ उजाला होता है, वह महाशक्ति पीठ है। उन्होंने कहा कि फिल्मों में गलत इतिहास दिखाने पर विरोध किया जा रहा है, जबकि बहिष्कार होना चाहिए। जगत जननी माता करुणामयी होती है। भक्त के अपराध, अज्ञानता को वह क्षमा कर देती है। कार्यक्रम के आयोजक परमेश्वर नाथ मिश्र ने कहा कि संतों का चरण पड़ने से पूरा क्षेत्र तीर्थ बन जाता है। इस मौके पर रेखा मिश्रा, प्रतीक मिश्र, प्रियंवदा त्रिपाठी, प्रज्ञा तिवारी, आदित्य कौशिक, हीरामणी यादव, राजेन्द्र मिश्र, पवन यादव, बबलू मिश्र, चंदन सिंह आदि रहे।
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