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अवैध निर्माण से ध्यान हटाने के लिए हुई कार्रवाई
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:13 AM IST
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वाराणसी। वरुणा कॉरिडोर के निर्माण में लेटलतीफी मामले में प्रदेश सरकार ने मुख्य अभियंता (सोन) सुरेश चंद्र शर्मा के पीछे की कहानी छन-छन कर बाहर आने लगी है। सूत्रों की मानें तो सारी कवायद अवैध निर्माण से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल के कुछ नेता यहां अपने चहेतों को काम दिलाना चाहते हैं और इसके लिए जरूरी है कि इसमें बाधक लोगों को किनारे कर दिया जाए। आने वाले दिनों में तीन-चार और इंजीनियरों पर कार्रवाई हो सकती है।
मामले में वीडीए ने जिन 762 लोगों को नोटिस दिया है उनमें कई हाई प्रोफाइल हैं। यही कारण है कि केवल दिखावे के लिए बैठक, निरीक्षण और कार्रवाई की बात की जा रही है ताकि मामला इतना पेचीदा हो जाए कि अवैध निर्माणों को तोड़ने की नौबत न आने पाए। पूर्व में विभागीय अधिकारियों ने वही किया, जो ऊपर के लोगों ने कहा। अब कार्रवाई लेटलतीफी पर की जा रही है जबकि भ्रष्टाचार को लेकर जांच ही नहीं हो रही है।
हालांकि इस समय काम पूरी तरह से बंद है। मार्च 2018 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। चौकाघाट के आसपास मशीनें किनारे पड़ी हैं। जितना हिस्सा बना है वहां साफ सफाई तक का अभाव है।
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मामले में वीडीए ने जिन 762 लोगों को नोटिस दिया है उनमें कई हाई प्रोफाइल हैं। यही कारण है कि केवल दिखावे के लिए बैठक, निरीक्षण और कार्रवाई की बात की जा रही है ताकि मामला इतना पेचीदा हो जाए कि अवैध निर्माणों को तोड़ने की नौबत न आने पाए। पूर्व में विभागीय अधिकारियों ने वही किया, जो ऊपर के लोगों ने कहा। अब कार्रवाई लेटलतीफी पर की जा रही है जबकि भ्रष्टाचार को लेकर जांच ही नहीं हो रही है।
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हालांकि इस समय काम पूरी तरह से बंद है। मार्च 2018 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। चौकाघाट के आसपास मशीनें किनारे पड़ी हैं। जितना हिस्सा बना है वहां साफ सफाई तक का अभाव है।
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