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14 घंटे बाद बहाल हुआ मंडुवाडीह-इलाहाबाद रूट
Updated Mon, 04 Sep 2017 02:12 AM IST
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वाराणसी। हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन के आउटर पर शनिवार की शाम मालगाड़ी के चार वैगन बेपटरी होने से ठप हुआ मंडुवाडीह-इलाहाबाद रेल रूट 14 घंटे की मशक्कत के बाद बहाल कर दिया गया। रविवार की सुबह आठ बजे से इस रूट से ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने के बाद रेलवे प्रबंधन ने राहत की सांस ली है वहीं, ट्रेनों के परिवर्तित मार्ग से चलाए जाने से परेशान यात्रियों को भी राहत मिली है। मौके पर पहुंची रेल अधिकारियों की टीम ने प्रथम दृष्टया घटना का कारण ट्रैक खिसकना (ट्रैक शिफ्ट) बताया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। ट्रैक खिसकने के लिए इंजीनियरिंग विभाग सवालों के घेरे में है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही सही स्थिति सामने आएगी।
हरदत्तपुर स्टेशन के आउटर पर शनिवार की शाम करीब छह बजे इलाहाबाद से उर्वरक लेकर बलिया जा रही मालगाड़ी के चार वैगन बेपटरी हो गए थे। इससे मंडुवाडीह-इलाहाबाद रूट के ठप होते ही महकमे में खलबली मच गई थी। रेलवे एक्सपर्ट की टीम को पहली नजर में ट्रैक की खामियां दिखीं। एक्सपर्ट का कहना था कि ट्रैक के अपनी जगह से खिसक जाने (ट्रैक शिफ्ट) की वजह से यह दुर्घटना हुई। मंडुवाडीह-इलाहाबाद रूट की डबलिंग का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में मेन लाइन के भी स्लीपर बदले गए हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इसी दौरान रेल लाइन की पटरियों के बीच के निर्धारित गैप में अंतर आ गया और यही मालगाड़ी के डिरेल होने की वजह बनी।
रेल कर्मियों को करनी पड़ी लंबी मशक्कत
वाराणसी। मालगाड़ी डिरेल होने से बाधित मंडुवाडीह-इलाहाबाद रेल रूट को सामान्य करने में 14 घंटे की मशक्कत के दौरान रेल कर्मियों को भोजन-पानी के लिए तरस जाना पड़ा। इसे लेकर कर्मचारियों में खासी नाराजगी दिखी। ट्रैकमैन, गैंगमैन सहित अन्य कर्मचारियों का कहना था कि वे अपना काम निबटाने के लिए शनिवार की शाम घर लौट रहे थे तभी मालगाड़ी के बेपटरी होने की सूचना मिली और उन्हें काम पर वापस बुला लिया गया। ट्रैक से मालगाड़ी के वैगन हटाने में पूरी रात बीत गई लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनके भोजन-पानी के प्रबंध तक की जरूरत नहीं समझी। जबकि, पूर्व की बैठकों में यह तय हुआ था कि ऐसे कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।
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हरदत्तपुर स्टेशन के आउटर पर शनिवार की शाम करीब छह बजे इलाहाबाद से उर्वरक लेकर बलिया जा रही मालगाड़ी के चार वैगन बेपटरी हो गए थे। इससे मंडुवाडीह-इलाहाबाद रूट के ठप होते ही महकमे में खलबली मच गई थी। रेलवे एक्सपर्ट की टीम को पहली नजर में ट्रैक की खामियां दिखीं। एक्सपर्ट का कहना था कि ट्रैक के अपनी जगह से खिसक जाने (ट्रैक शिफ्ट) की वजह से यह दुर्घटना हुई। मंडुवाडीह-इलाहाबाद रूट की डबलिंग का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में मेन लाइन के भी स्लीपर बदले गए हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इसी दौरान रेल लाइन की पटरियों के बीच के निर्धारित गैप में अंतर आ गया और यही मालगाड़ी के डिरेल होने की वजह बनी।
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रेल कर्मियों को करनी पड़ी लंबी मशक्कत
वाराणसी। मालगाड़ी डिरेल होने से बाधित मंडुवाडीह-इलाहाबाद रेल रूट को सामान्य करने में 14 घंटे की मशक्कत के दौरान रेल कर्मियों को भोजन-पानी के लिए तरस जाना पड़ा। इसे लेकर कर्मचारियों में खासी नाराजगी दिखी। ट्रैकमैन, गैंगमैन सहित अन्य कर्मचारियों का कहना था कि वे अपना काम निबटाने के लिए शनिवार की शाम घर लौट रहे थे तभी मालगाड़ी के बेपटरी होने की सूचना मिली और उन्हें काम पर वापस बुला लिया गया। ट्रैक से मालगाड़ी के वैगन हटाने में पूरी रात बीत गई लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनके भोजन-पानी के प्रबंध तक की जरूरत नहीं समझी। जबकि, पूर्व की बैठकों में यह तय हुआ था कि ऐसे कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।
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