फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   सुविधाओं का टोटा और संरक्षकों की मनमानी, बवाल की जड़

सुविधाओं का टोटा और संरक्षकों की मनमानी, बवाल की जड़

Sun, 02 Jul 2017 02:03 AM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 02:03 AM IST
विज्ञापन
सुविधाओं का टोटा और संरक्षकों की मनमानी, बवाल की जड़
वाराणसी/रामनगर। राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में बवाल यूं ही नहीं हुआ। यहां निरुद्ध किशोर भोजन और अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता के साथ ही देखरेख के लिए तैनात कर्मचारियों के मारपीट करने की शिकायतें अक्सर करते रहे हैं। किशोरों की मानें तो अव्यवस्थाओं के खिलाफ उन्होंने शुक्रवार को गृह परिसर में धरना दिया था लेकिन सेवा प्रदाता कंपनी के लोग और अधीक्षक ने उनकी एक नहीं सुनी। उल्टे, शुक्रवार की रात उनके साथ मारपीट की गई। वहीं, अधीक्षक का कहना है कि कुछ किशोरों ने साजिशन माहौल बिगाड़ा और हिंसा की। ये किशोर अपने से कम उम्र वाले किशोरों को परेशान कर रहे थे। उन पर कड़ाई की गई तो वे उपद्रव पर उतर आए।
विज्ञापन

संप्रेक्षण गृह में बमुश्किल 70 किशोरों के रहने की व्यवस्था है लेकिन मौजूदा समय में यहां 125 किशोर रखे गए हैं। इस कारण शौचालय से लेकर नहाने और खाने तक तमाम प्रकार की दिक्कतें होती हैं। किशोरों की मानें तो भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब होती है। न मीनू का पालन होता है न उन्हें पेट भर भोजन दिया जाता है। कर्मचारी आए दिन बेवजह मारते-पीटते हैं। ये सब शिकायतें किशोर न्याय बोर्ड से लेकर आला अधिकारियों तक से की जा चुकी हैं लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
विज्ञापन

उधर, अधीक्षक क्षमानाथ राय ने बताया कि कुछ किशोर अनुशासन नहीं मानना चाहते हैं। अपने हिसाब से काम करना चाहते हैं और छोटे किशोरों का शोषण करते हैं। इस शिकायत पर 22 किशोरों को छोटी उम्र के किशोरों की बैरक से अलग कर दिया गया था। इसे लेकर वे नाराज थे और उन्होंने ही साजिशन पूरी घटना को अंजाम दिया। इसमेें खास भूमिका मई में भागे किशोर की रही। वह जब से पकड़ कर दोबारा लाया गया है अन्य किशोरों को उकसाता रहता है। वहीं, इस बारे में जिला प्रोबेशन अधिकारी पीके त्रिपाठी ने कहा कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। किशोरों और कर्मियों का बयान लिया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरक्षा के नाम पर कुछ भी दुरुस्त नहीं
संप्रेक्षण गृह की देखरेख के लिए अधीक्षक, सुपरवाइजर और प्रशिक्षक के अलावा सात केयर टेकर, तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त हैं। सुरक्षा इंतजाम के नाम पर गृह के बाहर तीन सिपाही और चार होमगार्ड की तैनाती रहती है। जबकि यहां सवा सौ किशोर निरुद्ध हैं। बीते 21 मई को एक किशोर गृह से भाग निकला था। इसके पहले भी किशोरों के भागने की घटनाएं सामने आती रही हैं। गृह की चहारदीवारी की ऊंचाई भी बेहद कम है, जिसे फांदकर किशोर आसानी से फरार हो जाते हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि परिसर के भीतर संप्रेक्षण गृह का विस्तार कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद न सिर्फ किशोरों के लिए बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि सुरक्षा इंतजाम भी पुख्ता होंगे।

तनातनी तो चल रही थी पहले से
संप्रेक्षण गृह में सब कुछ सही नहीं चल रहा था। बवाल के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने किशोरों और कर्मचारियों से पूछताछ की तो सामने आया कि उनके बीच आए दिन मारपीट और झड़प होती रहती है लेकिन अधीक्षक क्षमानाथ राय ने उच्चाधिकारियों को कभी जानकारी नहीं दी। उल्टे अपने ही स्तर से मामले को सुलझाने का असफल प्रयास करते रहे। यही चूक इतनी बड़ी घटना की वजह बन गई।

चाहते तो भाग जाते सारे किशोर
बवाल के दौरान सभी किशोर बैरकों से बाहर भाग आए थे। रामनगर पुलिस के पहुंचने से पहले गृह के अंदर या बाहर रोकटोक करने वाला कोई नहीं था। जो कर्मचारी थे, उन्हें पहले ही बंधक बनाया जा चुका था। संप्रेक्षण गृह के आसपास के बाशिंदों ने बताया कि परिसर से बाहर तक किशोरों का उपद्रव जारी था लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। सभी किशोर बाहर भाग आए थे। वे चाहते तो पुलिस के पहुंचने के पहले ही भाग निकलते।

मोबाइल छीनकर कई जगह की कॉल
मारपीट के दौरान संविदा कर्मी विकास का मोबाइल छीनकर किशोरों ने कई जगह कॉल की। गाजीपुर के डीएम के सीयूजी मोबाइल पर कॉल कर बताया कि उनके साथ मारपीट हो रही है। इसके बाद अपने घर फोन कर बताया कि हमने कर्मचारियों की पिटाई की है। कुछ अधिवक्ताओं को भी फोन किया लेकिन बात नहीं हो सकी। किशोरों से जब मोबाइल वापस मिला तो उसकी कॉल रिकार्डिंग से यह जानकारी सामने आई।


एक नल और नहाने वाले 25, यहीं से शुरू हुई कहासुनी
संप्रेक्षण गृह के किशोर भीतर ही भीतर कई दिन से सुलग रहे थे। अपने गुस्से का इजहार सभी ने धरना प्रदर्शन के माध्यम से भी किया था। मगर, आग में घी का काम किया एक नल पर 25 नहाने वालों की संख्या ने। दरअसल, घंटी बजाकर किशोरों को जब दैनिक क्रिया से निवृत्त होने के लिए बाहर निकाला गया तो एक ही नल पर भीड़ उमड़ पड़ी और सभी व्यवस्था को कोसते हुए गालीगलौज करने लगे। इसी दौरान केयर टेकर ने जैसे ही कुछ कहा, एक किशोर ने उससे कहासुनी शुरू कर दी और फिर ढाई घंटे तक माहौल असामान्य रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed