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दस अतिकु पोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर भेजने का निर्देश
Updated Mon, 26 Jun 2017 02:03 AM IST
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वाराणसी। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने रविवार को पोषण मिशन अन्तर्गत विकास खंड पिण्डरा के रामनगर ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया। इस केंद्र पर दस अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर भेजवाने के लिए चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कहा। महिलाओं से आयरन की गोली मिलने के बारे में पूछा गया, तो महिलाओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को गोली समय-समय पर दी जाती है तथा टीकाकरण भी समय से किया जाता है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर अतिकुपोषित बच्चों एवं उनकी माताओं से उन्हें मिलने वाले सुविधा यथा आयरन की गोली, आहार एवं अन्य चीजों के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने स्वच्छ शौचालय होने के बाद भी गांव के कुछ लोगों के बाहर शौच जाने की शिकायत पर डीएम ने ग्राम प्रधान एवं मौजूद स्वच्छता समिति के लोगों से निगरानी करने को कहा। गांव में मौजूद तालाब के किनारे पौधरोपण कराने के लिए खंड विकास अधिकारी को कहा। विद्यालय में मौजूद छोटे बच्चों से कुछ सवाल करते हुए जिलाधिकारी ने अपनी तरफ से बिस्कुट एवं चाकलेट भी बांटे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम पिंडर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी पिंडरा आदि मौजूद थे।
कुपोषण की खबर में इनसेट
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कुपोषित बच्चों के मामले में हाईकोर्ट गंभीर
जनहित याचिका पर डीएम से दो सप्ताह में मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी।
जिले के हरहुआं गांव में कुपोषित बच्चों के मिलने के मामले जन अधिकार मंच की ओर से दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने डीएम से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। इस अवधि में डीएम को कोर्ट में हलफनामा पेश करना होगा।
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जनहित याचिका दायर करने वाले मंच के अध्यक्ष अनिल कुमार मौर्या ने बताया कि जिला प्रशासन में शिकायत के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट में हरहुआं ब्लॉक के पांच गांवों में 23 कुपोषित बच्चों की सूपी कोर्ट में सौंपी थी। याचिका पर 20 जून को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति अरुण टंडन और अशोक कुमार की अदालत ने यह फैसला दिया। याचिका में यह भी आरोप लगाया था कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कुपोषित बच्चों को दिन में एक बार पका भोजन, 20 ग्राम देशी घी भोजन के साथ उपलब्ध नहीं करा रहा है। इस वजह से पोषण पुनर्वास केंद्र आने वाले बच्चों के सेहत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। बताया कि मामले में अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी। वहीं डीएम योगेश्वर राम मिश्रा का कहना है कि संबंधित मामले में हाईकोई में शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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बढ़ती जा रही कुपोषित बच्चों की संख्या
वाराणसी।
कुपोषण से मुक्ति के लिए चल रही योजनाओं के बाद भी बच्चों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। वास्तविक आंकड़े बताते हैं कि नगर क्षेत्र के अलावा जिले के सभी आठ ब्लॉकों में 32795 बच्चे कुपोषित हैं। सबसे अधिक नगर क्षेत्र में 9373 और सबसे कम 1140 बच्चे हरहुआ ब्लॉक में चिह्नित हैं। पिछले साल अप्रैल तक कुपोषित बच्चों की संख्या 12566 थी। इसमें भी दो हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषित हैं और इन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है।
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ग्रामीणों ने स्वच्छ शौचालय होने के बाद भी गांव के कुछ लोगों के बाहर शौच जाने की शिकायत पर डीएम ने ग्राम प्रधान एवं मौजूद स्वच्छता समिति के लोगों से निगरानी करने को कहा। गांव में मौजूद तालाब के किनारे पौधरोपण कराने के लिए खंड विकास अधिकारी को कहा। विद्यालय में मौजूद छोटे बच्चों से कुछ सवाल करते हुए जिलाधिकारी ने अपनी तरफ से बिस्कुट एवं चाकलेट भी बांटे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम पिंडर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी पिंडरा आदि मौजूद थे।
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कुपोषण की खबर में इनसेट
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कुपोषित बच्चों के मामले में हाईकोर्ट गंभीर
जनहित याचिका पर डीएम से दो सप्ताह में मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी।
जिले के हरहुआं गांव में कुपोषित बच्चों के मिलने के मामले जन अधिकार मंच की ओर से दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने डीएम से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। इस अवधि में डीएम को कोर्ट में हलफनामा पेश करना होगा।
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जनहित याचिका दायर करने वाले मंच के अध्यक्ष अनिल कुमार मौर्या ने बताया कि जिला प्रशासन में शिकायत के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट में हरहुआं ब्लॉक के पांच गांवों में 23 कुपोषित बच्चों की सूपी कोर्ट में सौंपी थी। याचिका पर 20 जून को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति अरुण टंडन और अशोक कुमार की अदालत ने यह फैसला दिया। याचिका में यह भी आरोप लगाया था कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कुपोषित बच्चों को दिन में एक बार पका भोजन, 20 ग्राम देशी घी भोजन के साथ उपलब्ध नहीं करा रहा है। इस वजह से पोषण पुनर्वास केंद्र आने वाले बच्चों के सेहत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। बताया कि मामले में अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी। वहीं डीएम योगेश्वर राम मिश्रा का कहना है कि संबंधित मामले में हाईकोई में शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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बढ़ती जा रही कुपोषित बच्चों की संख्या
वाराणसी।
कुपोषण से मुक्ति के लिए चल रही योजनाओं के बाद भी बच्चों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। वास्तविक आंकड़े बताते हैं कि नगर क्षेत्र के अलावा जिले के सभी आठ ब्लॉकों में 32795 बच्चे कुपोषित हैं। सबसे अधिक नगर क्षेत्र में 9373 और सबसे कम 1140 बच्चे हरहुआ ब्लॉक में चिह्नित हैं। पिछले साल अप्रैल तक कुपोषित बच्चों की संख्या 12566 थी। इसमें भी दो हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषित हैं और इन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है।