कलर कोड व्यवस्था की निकाली काट: चार महीने में काशी विश्वनाथ क्षेत्र में बढ़े 150 ई- रिक्शा, जानें- पूरा मामला
वाराणसी जिले के काशी विश्वनाथ क्षेत्र में पिछले चार महीने में 150 ई-रिक्शा बढ़ गए हैं। ई-रिक्शा का पंजीकरण दूसरे क्षेत्रों का था, लेकिन चालकों ने अपना पता और पंजीकरण बदलवा लिया।
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कम दूरी में ज्यादा कमाई के चलते काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में 150 ई रिक्शा बढ़ गए। ई रिक्शा का पंजीकरण दूसरे क्षेत्रों का था, लेकिन चालकों ने अपना पता और पंजीकरण बदलवा लिया। आरटीओ के मुताबिक रिक्शा चालकों ने कलर कोड व्यवस्था का तोड़ निकाला ताकि सीज और चालान की कार्रवाई से बच सकें। मंदिर क्षेत्र में पर्यटकों का आवागमन होता है। इसलिए ई रिक्शा चालक दूसरे रूट पर नहीं चलना चाहते हैं।
काशी जोन में कलर और क्यूआर कोड की व्यवस्था के बीच ई-रिक्शा चालक अपना पता बदलवा रहे हैं। पंजीकरण का मालिकाना हक परिवार के दूसरे सदस्यों या फिर संबंधियों के नाम कर रहे हैं। 1 अक्तूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच 363 ई रिक्शा का पंजीकरण, पता बदला है। इनमें से 150 काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र पहुंचे हैं।
पता बदलवाने के 515 आवेदन पत्र अभी आरटीओ कार्यालय में पड़े हैं। ज्यादातर ई रिक्शा चालक दशाश्वमेध, लक्सा, चेतगंज, चौक और सिगरा थाना क्षेत्र में ही चलना चाह रहे हैं। इन्हीं क्षेत्रों में प्रमुख मंदिर, गंगा घाट और होटल हैं। बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन होता है। आरटीओ के मुताबिक, ई रिक्शा चालक काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में छह घंटे में ही पूरे दिन की कमाई कर लेते हैं।
शहर के दूसरे क्षेत्रों के साथ ऐसा नहीं है। लंबी दूरी का किराया बहुत अच्छा नहीं मिलता है। इसलिए पता बदलवा रहे हैं। इसी तरह यातायात पुलिस के मुताबिक, जिनके पास 5 ई-रिक्शा है, वह हर क्षेत्र व रूट पर चलना चाहता है। मगर, थाना क्षेत्र के हिसाब से उसे एक ही कलर के रूट पर चलना है। अब पता बदल कर कलर कोड व्यवस्था की काट निकाली जा रही है।
सितंबर 2024 में लागू है क्यूआर और कलर कोड की व्यवस्था
शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या और जाम से मुक्ति को लेकर यातायात पुलिस ने काशी जोन के 11 थाना क्षेत्रों में ई-रिक्शा संचालन के लिए 10 सितंबर 2024 से क्यूआर और कलर कोड व्यवस्था लागू की है। लाल, पीले, हरे और नीले कलर कोड के साथ ई रिक्शों के लिए थाना क्षेत्रवार रूट तय किए गए। कहा गया कि नियमों की अनदेखी पर चालान किया जाएगा। ई रिक्शा सीज किए जाएंगे। इससे ई-रिक्शा चालक नाखुश हैं। अब ई रिक्शा चालकों ने व्यवस्था की काट निकाली है।