श्रद्धा: कन्याकुमारी से कश्मीर तक के श्रद्धालु पहुंचने लगे स्वर्वेद, इतिहास का सबसे विराट महायज्ञ; विहंगम योग
वार्षिकोत्सव को लेकर स्वर्वेद महामंदिर धाम में खास अनुष्ठान किए जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही मुख्य अतिथि के नियम नामचीन लोगों को निमंत्रण भी भेजे गए हैं।
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Varanasi News: स्वर्वेद महामंदिर धाम में विहंगम योग के इतिहास का सबसे विराट महायज्ञ होगा। 25000 यज्ञकुंडों में डेढ़ लाख श्रद्धालु एक साथ 200 मीट्रिक टन वैदिक सामग्री से आहुतियां अर्पित करेंगे। 25-26 नवंबर को विहंगम योग संत समाज के 102वें वार्षिकोत्सव पर होने वाले स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के लिए 18 देशों के साथ ही कश्मीर से कन्याकुमारी तक के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
शनिवार को स्वर्वेद महामंदिर धाम उमरहां में 25-26 नवंबर को होने वाले महायज्ञ में शामिल होने के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। 25 नवंबर को सुबह छह बजे ‘अ’ अंकित श्वेत ध्वजा फहराकर महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल सहित देश के अनेक प्रांतों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
विदेशों से भी विहंगम योग अनुयायियों का आगमन हो रहा है। पूरे परिसर में हवन कुंड निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था शिवहरि मीणा स्वर्वेद महामंदिर धाम पहुंचे। उन्होंने संपूर्ण परिसर, यज्ञस्थलों, श्रद्धालु शिविरों, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा नेटवर्क का विस्तृत निरीक्षण किया।
डेढ़ लाख श्रद्धालु एक साथ करेंगे हवन
आयोजन में लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु दंपती एक समय, एक स्थान पर बैठकर साथ-साथ 25,000 हवन-कुंडों में आहुतियां अर्पित करेंगे। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज स्वयं संपूर्ण व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। महायज्ञ अनुष्ठान के लिए भारतीय वेद लक्षणा गाय का शुद्ध बिलोना घी, गो-पदार्थ, जड़ी-बूटियां, सुगंधित द्रव्य, मिष्ठान, वैदिक सामग्री, पवित्र लकड़ी मंगाई गई है।