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राउर बाबा के मेले में पहुंचे लोग
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:27 AM IST
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बक्शा। ऐतिहासिक राउर बाबा के मेले में रविवार को दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रही। हजारों श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर मंदिर में मत्था टेककर मन्नते मांगी। मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र में जगह-जगह बैठे ओझा सोखा अपने तन्त्र-मन्त्र का जाल फैलाये भूत-प्रेत से मुक्ति दिलाने का दावा करते देखे गए। मेले में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे।
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर नौपेड़वा बाजार से उत्तर बक्शा थाना क्षेत्र के मई गांव में स्थित राउर बाबा का सिद्ध स्थल है। राउर बाबा के मेले में प्रदेश व देश के विभिन्न स्थानों से आए हजारो श्रद्धालुओं ने सोमवार की रात्रि से ही मत्था टेक दर्शन पूजन शुरू कर दिया। श्रद्धालु मेले में बड़े-बड़े पताके के साथ जयकारे लगाते हुए सरोवर की परिक्त्रस्मा कर समाधि स्थल का दर्शन किया।
श्रद्धालुओं की धारणा है कि सच्चे मन से मांगी गयी हर मुराद बाबा अवश्य पूरा करते है। इस मेले में सबसे ज्यादा लोग भूत-प्रेत से मुक्ति पाने हेतु आते है। भूत-प्रेत को मानने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की समाधि स्थल पर आते ही सभी कष्ट दूर हो जाते है। बाबा की समाधी स्थल पर लगने वाला यह मेला एक सप्ताह तक चलेगा। मेले में सर्कस, झूला, जादूगर, मौत का कुआं आदि बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
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जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर नौपेड़वा बाजार से उत्तर बक्शा थाना क्षेत्र के मई गांव में स्थित राउर बाबा का सिद्ध स्थल है। राउर बाबा के मेले में प्रदेश व देश के विभिन्न स्थानों से आए हजारो श्रद्धालुओं ने सोमवार की रात्रि से ही मत्था टेक दर्शन पूजन शुरू कर दिया। श्रद्धालु मेले में बड़े-बड़े पताके के साथ जयकारे लगाते हुए सरोवर की परिक्त्रस्मा कर समाधि स्थल का दर्शन किया।
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श्रद्धालुओं की धारणा है कि सच्चे मन से मांगी गयी हर मुराद बाबा अवश्य पूरा करते है। इस मेले में सबसे ज्यादा लोग भूत-प्रेत से मुक्ति पाने हेतु आते है। भूत-प्रेत को मानने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की समाधि स्थल पर आते ही सभी कष्ट दूर हो जाते है। बाबा की समाधी स्थल पर लगने वाला यह मेला एक सप्ताह तक चलेगा। मेले में सर्कस, झूला, जादूगर, मौत का कुआं आदि बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
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