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लू ने झुलसाया, कूलर-पंखे बेअसर
Updated Sun, 04 Jun 2017 12:27 AM IST
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लू ने झुलसाया, कूलर-पंखे हुए बेअसर
ज्ञानपुर। शनिवार इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 33 डिग्री रिकार्ड किया गया। आसमान से बरसती आग के बीच भीषण गर्मी और उमस में लोग बेहाल हो गए। 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू ने शरीर झुलसाकर रख दिया। चिलचिलाती धूप और हलक सोखती गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को सुबह 10 बजे से ही सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने लगा और दोपहर 12 बजते-बजते मानो सन्नाटा छा गया है। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दौड़ते नजर आए।
जून के पहले हफ्ते में गर्मी का प्रकोप चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को जिले के तापमान ने इस सीजन के अब तक के सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए 44 डिग्री पर पहुंचकर मुश्किलें बढ़ा दी। उमस और गर्मी के चलते कूलर-पंखे बेकार साबित हो गए। चिपचिपी गर्मी से लोग बेहाल रहे। कामकाजी लोगों के शरीर का पसीना पूरे दिन सूख नहीं पाया। 19 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चले लू के थपेड़ों ने मुश्किलें और बढ़ा दी। चिलचिलाती धूप ने कामकाज के सिलसिले में घर से बाहर निकलने वाले लोगों की हिम्मत छुड़ा दी। लोग थोड़ी-थोड़ी देर में चिटकते गले को तर करते नजर आए। शाम छह बजे के बाद तक गर्म हवाएं चलती रहीं। कल तक 28 से 29 डिग्री चल रहे न्यूनतम तापमान में भी चार डिग्री की बढ़ोतरी हो गई और यह 33 डिग्री पर पहुंच गया।
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ज्ञानपुर। शनिवार इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 33 डिग्री रिकार्ड किया गया। आसमान से बरसती आग के बीच भीषण गर्मी और उमस में लोग बेहाल हो गए। 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू ने शरीर झुलसाकर रख दिया। चिलचिलाती धूप और हलक सोखती गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को सुबह 10 बजे से ही सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने लगा और दोपहर 12 बजते-बजते मानो सन्नाटा छा गया है। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दौड़ते नजर आए।
जून के पहले हफ्ते में गर्मी का प्रकोप चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को जिले के तापमान ने इस सीजन के अब तक के सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए 44 डिग्री पर पहुंचकर मुश्किलें बढ़ा दी। उमस और गर्मी के चलते कूलर-पंखे बेकार साबित हो गए। चिपचिपी गर्मी से लोग बेहाल रहे। कामकाजी लोगों के शरीर का पसीना पूरे दिन सूख नहीं पाया। 19 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चले लू के थपेड़ों ने मुश्किलें और बढ़ा दी। चिलचिलाती धूप ने कामकाज के सिलसिले में घर से बाहर निकलने वाले लोगों की हिम्मत छुड़ा दी। लोग थोड़ी-थोड़ी देर में चिटकते गले को तर करते नजर आए। शाम छह बजे के बाद तक गर्म हवाएं चलती रहीं। कल तक 28 से 29 डिग्री चल रहे न्यूनतम तापमान में भी चार डिग्री की बढ़ोतरी हो गई और यह 33 डिग्री पर पहुंच गया।
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