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मतदान से पहले केंद्रों पर दिखी अव्यवस्था
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान को लेकर जिला प्रशासन मतदान केंद्रों पर व्यवस्था मुकम्मल होने का दावा तो कर रहा है लेकिन शनिवार को खामियां साफ नजर आईं। इसमें बूथों पर गंदगी से लेकर टायलेट टूटेफूटे दिखे और पेयजल की समस्या भी रही। शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में बने केंद्रों की स्थिति ज्यादा खराब है।
रविवार की सुबह 7 बजे से मतदान होना है, इसके लिए पोलिंग पार्टियां शनिवार दोपहर तक निर्धारित बूथों पर पहुंच गई। यहां जाने पर पता चला कि पिछले कई दिनों से चल रही तैयारियां हवा हवाई हैं। इसमें नदेसर स्थित एक मतदान बूथ पर जहां टायलेट टूटा-फू टा मिला, वहीं शिवाला स्थित एक मतदान केंद्र तक जाने का रास्ता सही नहीं था। लोगों को रविवार को यहां मजबूरी में उबड़-खाबड़ रास्तों के सहारे ही बूथ तक पहुंचना होगा। इसके अलावा जिले के ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे बूथ रहे, जहां पोलिंग पार्टियाें के पहुंचने के बाद बिजली व्यवस्था, पेयजल दुरुस्त कराई गई और सफाई होती रही।
जिला प्रशासन की ओर से मतदाताओं को घर-घर मतदाता पर्ची भेजने की बात कही जा रही है लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी शहरी और ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर लोगों को शनिवार देर शाम तक पर्ची नहीं मिली। लोग बीएलओ के आने का इंतजार करते रहे लेकिन वे पहुंचे नहीं।
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रविवार की सुबह 7 बजे से मतदान होना है, इसके लिए पोलिंग पार्टियां शनिवार दोपहर तक निर्धारित बूथों पर पहुंच गई। यहां जाने पर पता चला कि पिछले कई दिनों से चल रही तैयारियां हवा हवाई हैं। इसमें नदेसर स्थित एक मतदान बूथ पर जहां टायलेट टूटा-फू टा मिला, वहीं शिवाला स्थित एक मतदान केंद्र तक जाने का रास्ता सही नहीं था। लोगों को रविवार को यहां मजबूरी में उबड़-खाबड़ रास्तों के सहारे ही बूथ तक पहुंचना होगा। इसके अलावा जिले के ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे बूथ रहे, जहां पोलिंग पार्टियाें के पहुंचने के बाद बिजली व्यवस्था, पेयजल दुरुस्त कराई गई और सफाई होती रही।
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जिला प्रशासन की ओर से मतदाताओं को घर-घर मतदाता पर्ची भेजने की बात कही जा रही है लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी शहरी और ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर लोगों को शनिवार देर शाम तक पर्ची नहीं मिली। लोग बीएलओ के आने का इंतजार करते रहे लेकिन वे पहुंचे नहीं।
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