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चंदन ने आत्महत्या की, भाई ने नहीं की हत्या

Fri, 12 Apr 2019 01:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 01:59 AM IST
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चंदन ने आत्महत्या की, भाई ने नहीं की हत्या
वाराणसी। दौलतपुर के चंदन सिंह की हत्या नहीं की गई, बल्कि उन्होंने आत्महत्या की है। चंदन की पत्नी प्रिया ने यह बयान कैंट पुलिस को दर्ज कराया है। प्रिया के अनुसार, उसके भाई मृत्युंजय, बहन शिल्पी सहित अन्य से कहासुनी होने पर चंदन ने आपा खो दिया और कमरे से पिस्टल ले आए। इसके बाद दायीं कनपटी पर गोली मार ली। उसे पहले निजी अस्पताल, फिर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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वहीं, पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में मऊ जिले के मधुबन थाना अंतर्गत दुबारी स्थित घर पहुंची तो प्रिया की बहन शिल्पी मिली। शिल्पी ने भी पुलिस को चंदन द्वारा खुद को गोली मारे जाने की बात बताई। पत्नी और साली के बयान के बाद पुलिस उलझन में पड़ गई है। हालांकि प्रिया के भाई मृत्युंजय सहित तीन अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। उधर, गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद चंदन का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह ने बताया कि चंदन की पत्नी और साली के अनुसार उन्होंने आत्महत्या की है। तीन अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। ठोस साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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मऊ जिले के सरायलखंसी थाना अंतर्गत जयसिंहपुर गांव निवासी लालबहादुर सिंह दौलतपुर में रह रहे हैं। लालबहादुर के अनुसार, बुधवार शाम चंदन, प्रिया और चार साल की बेटी नित्या घर पर थे। चंदन और प्रिया में विवाद हुआ। प्रिया की कॉल पर भाई मृत्युंजय सिंह उर्फ बाबू, बहन शिल्पी, चिंटू सहित चार लोग आए। प्रिया के मायके जाने को लेकर चंदन और मृत्युंजय में कहासुनी हुई। विवाद बढ़ा तो मृत्युंजय ने गोली मारकर चंदन की हत्या कर दी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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चंदन की साढ़े चार साल की बेटी नित्या पिता की मौत से अंजान है। उसे यह तो पता है कि मामा और मौसी आए तो मम्मी तेज आवाज में कुछ बोलीं। इसके बाद पिता जमीन पर गिरे हुए थे, लेकिन उसे यह नहीं पता कि अब उसके पिता दुनिया में नहीं है। गुरुवार को वह कभी बुआ तो कभी अन्य परिजनों से अपने पापा के बारे में पूछती रही। लालबहादुर सिंह, उनकी पत्नी इंद्रावती देवी और छह बेटियों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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