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32 वार्डों में नगर निगम उठाएगा कूड़ा
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वाराणसी। टाउनहाल में नगर निगम के सदन की बैठक बुधवार को जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुई। मेयर मृदुला जायसवाल ने हस्तक्षेप करते हुए पार्षदों को शांत कराया। अपने तय समय से शुरू हुई बैठक के दौरान कार्यकारिणी ने कूड़ा निस्तारण, आवारा पशु, निगम के मकान व दुकान के किराए पर चर्चा की। सदन में यह निर्णय लिया गया कि नगर निगम ही 32 वार्डों में कूड़ा उठाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो नगर निगम पूरी सफाई व्यवस्था अपने हाथों में ले लेगा। बुधवार को टाउनहाल में नगर निगम के सदन की कार्रवाई में पार्षदों ने इस पर सहमति जताई। पार्षदों ने कहा कि छह महीने तक नगर निगम स्वयं अपने संसाधनों से इन वार्डों में कूड़ा कलेक्शन कराए अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इन वार्डों में निगम स्वयं अपने संसाधनों से पूरी सफाई व्यवस्था चलाएगा।
सदन में 32 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से लेकर उसके ट्रांसपोर्टेशन व निस्तारण पर चर्चा हुई। दरअसल इन वार्डों में भी अन्य वार्डों की तरह कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी कियाना साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को देने की तैयारी थी। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी हो चुकी थी। इसके लिए एक करोड़ से अधिक का भुगतान करना था तो नगर निगम प्रशासन ने शासन से पत्राचार किया था। इसके अलावा सदन में नगर निगम के दुकानों, मकानों के किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। पार्षदों ने यह माना कि गलत तरीके से दुकानदारों से पैसा लिया जा रहा है। इस पर मेयर और नगर आयुक्त ने पांच सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति व्यापारियों से मिलकर किराया निर्धारण की जांच करेगी। पार्षद राजेश केशरी ने कार्यकारिणी बैठक के निर्णय पर चर्चा करते हुए दुकानों व मकानों के सर्किल रेट के हिसाब से किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई। महापौर के निर्देश पर समिति के पांचों सदस्य 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे उसके बाद किराया बढ़ोतरी पर निर्णय होगा। नगर निगम के सदन की कार्रवाई अपने निर्धारित समय 12 से आरंभ हुई और तीन बजे तक चली।
सदन में आवारा पशुओं के जुर्माने की राशि पर पार्षदों में जमकर बहस हुई। आवारा पशुओं के पकड़ने पर 2000 जुर्माने का प्रावधान है लेकिन राजेश यादव चल्लू ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि पशुओं के पकड़ने पर 2004 में सूबे की सरकार ने 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया था लेकिन उस आदेश से हटकर दो हजार रुपये मनमाने तरीके से कैसे जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया। करीब 10 मिनट की देरी से पहुंचे नगर आयुक्त ने बाद में सफाई दी। बताया कि 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है लेकिन सदन ने उसे बढ़ाया है तो सदन ही उस प्रस्ताव में संशोधन कर सकता है। सदन की अगली बैठक अब 25 जनवरी को बुलाई गई है।
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जोनल अधिकारी पर लगाया मनमानी का आरोप
टाउनहाल में नगर निगम के सदन की बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों ने अधिकारियों के ऊपर मनमानी और जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने आदमपुर जोनल अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कहा कि वह खारिज-दाखिल की फाइलों को लटकाते हैं जिससे जनता परेशान होती है। पार्षद बेलाल अंसारी ने कहा कि जोनल अधिकारी गलत आपत्तियां लगाते हैं। बाद में सदन की मंशा पर मेयर मृदुला जायसवाल ने नगर आयुक्त को जांच का निर्देश दिया। साथ ही अन्य को चेताते हुए कहा कि ऐसे आचरण नहीं किए जाएं जिससे जनता परेशान हों। अधिकारी जनता की सुविधा का खास ख्याल रखें।
नगर आयुक्त डॉ.नितिन बंसल को सदन में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कामकाज को लेकर सदन के सामने लज्जित होना पड़ा। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर अधिकारी अपने कार्यशैली में सुधार नहीं लाएंगे तो उन्हें दंडित किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में सदन के माध्यम से अपने अधीनस्थों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यशैली में सुधार लाएं। आमदपुर जोनल अधिकारी के खिलाफ लगे आरोपों पर कहा कि जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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सदन में 32 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से लेकर उसके ट्रांसपोर्टेशन व निस्तारण पर चर्चा हुई। दरअसल इन वार्डों में भी अन्य वार्डों की तरह कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी कियाना साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को देने की तैयारी थी। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी हो चुकी थी। इसके लिए एक करोड़ से अधिक का भुगतान करना था तो नगर निगम प्रशासन ने शासन से पत्राचार किया था। इसके अलावा सदन में नगर निगम के दुकानों, मकानों के किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। पार्षदों ने यह माना कि गलत तरीके से दुकानदारों से पैसा लिया जा रहा है। इस पर मेयर और नगर आयुक्त ने पांच सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति व्यापारियों से मिलकर किराया निर्धारण की जांच करेगी। पार्षद राजेश केशरी ने कार्यकारिणी बैठक के निर्णय पर चर्चा करते हुए दुकानों व मकानों के सर्किल रेट के हिसाब से किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई। महापौर के निर्देश पर समिति के पांचों सदस्य 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे उसके बाद किराया बढ़ोतरी पर निर्णय होगा। नगर निगम के सदन की कार्रवाई अपने निर्धारित समय 12 से आरंभ हुई और तीन बजे तक चली।
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सदन में आवारा पशुओं के जुर्माने की राशि पर पार्षदों में जमकर बहस हुई। आवारा पशुओं के पकड़ने पर 2000 जुर्माने का प्रावधान है लेकिन राजेश यादव चल्लू ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि पशुओं के पकड़ने पर 2004 में सूबे की सरकार ने 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया था लेकिन उस आदेश से हटकर दो हजार रुपये मनमाने तरीके से कैसे जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया। करीब 10 मिनट की देरी से पहुंचे नगर आयुक्त ने बाद में सफाई दी। बताया कि 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है लेकिन सदन ने उसे बढ़ाया है तो सदन ही उस प्रस्ताव में संशोधन कर सकता है। सदन की अगली बैठक अब 25 जनवरी को बुलाई गई है।
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जोनल अधिकारी पर लगाया मनमानी का आरोप
टाउनहाल में नगर निगम के सदन की बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों ने अधिकारियों के ऊपर मनमानी और जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने आदमपुर जोनल अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कहा कि वह खारिज-दाखिल की फाइलों को लटकाते हैं जिससे जनता परेशान होती है। पार्षद बेलाल अंसारी ने कहा कि जोनल अधिकारी गलत आपत्तियां लगाते हैं। बाद में सदन की मंशा पर मेयर मृदुला जायसवाल ने नगर आयुक्त को जांच का निर्देश दिया। साथ ही अन्य को चेताते हुए कहा कि ऐसे आचरण नहीं किए जाएं जिससे जनता परेशान हों। अधिकारी जनता की सुविधा का खास ख्याल रखें।
नगर आयुक्त डॉ.नितिन बंसल को सदन में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कामकाज को लेकर सदन के सामने लज्जित होना पड़ा। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर अधिकारी अपने कार्यशैली में सुधार नहीं लाएंगे तो उन्हें दंडित किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में सदन के माध्यम से अपने अधीनस्थों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यशैली में सुधार लाएं। आमदपुर जोनल अधिकारी के खिलाफ लगे आरोपों पर कहा कि जांच के बाद कार्रवाई होगी।