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सही नेतृत्व और संकल्प के साथ आगे बढ़ने की जरूरत
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वाराणसी। बीएचयू में काशी मंथन की ओर से आयोजित गोष्ठी में विद्वानों ने सही नेतृत्व, दृढ़ इच्छा शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहने का आह्वान युवाओं से किया। बतौर मुख्य वक्ता राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सही नेतृत्व होने से कठोर से कठोर निर्णय लिए जा सकते हैं, बस वह राष्ट्रहित में होने चाहिए।
कृषि विज्ञान संकाय के शताब्दी कृषि सभागार में कॉनक्लेव ऑन लीडरशिप-एजवीसी ईट विषय पर आयोजित गोष्ठी में हरिवंश ने कहा कि जीवन में मौलिक एवं नैतिक मूल्यों का बहुत महत्व है। हर व्यक्ति के जीवन में साहित्य उसकी बहुत मदद करता है, जब कभी किसी को यह महसूस हो कि वह अकेला है और उसे कुछ सीखना समझना है तो साहित्य पढ़ना चाहिए। उन्होंने मदन मोहन मालवीय के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। बताया कि 2014 के बाद जनहित में कई निर्णय लिए गए हैं।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के अध्यक्ष स्वामी वरिष्ठानंद ने लीडरशिप को केवल राजनीतिक क्षेत्र तक ही सीमित रहकर नहीं देखना चाहिए। यह हर क्षेत्र में जरूरी है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के जीवनी से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने कहा कि हर इंसान एक लीडर होता है। इस देश में लोग दूसरे को देख कर उसका फॉलोवर बनने की कोशिश करते हैं लेकिन अपने अंदर झांक कर नहीं देखना चाहते।
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कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ले. जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सही लीडरशिप का होना जरूरी होता है। जो नेतृत्व करना जानता है, वह कभी असफल नहीं हो सकता है। हसनैन ने युवाओं को नेतृत्व विकास के बारे में जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त कुलसचिव मयंक नारायण सिंह ने काशी मंथन के उद्देश्य के बारे में बताया। अतिथियों का स्वागत प्रो. दिनेश चंद्र राय ने किया। कार्यक्रम में डॉ. नेहा पांडेय, डॉ. धीरेंद्र राय, प्रो. कल्याण घड़ेई, चंद्राली मुखर्जी, डॉ. सुमिल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान संकाय के शताब्दी कृषि सभागार में कॉनक्लेव ऑन लीडरशिप-एजवीसी ईट विषय पर आयोजित गोष्ठी में हरिवंश ने कहा कि जीवन में मौलिक एवं नैतिक मूल्यों का बहुत महत्व है। हर व्यक्ति के जीवन में साहित्य उसकी बहुत मदद करता है, जब कभी किसी को यह महसूस हो कि वह अकेला है और उसे कुछ सीखना समझना है तो साहित्य पढ़ना चाहिए। उन्होंने मदन मोहन मालवीय के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। बताया कि 2014 के बाद जनहित में कई निर्णय लिए गए हैं।
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रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के अध्यक्ष स्वामी वरिष्ठानंद ने लीडरशिप को केवल राजनीतिक क्षेत्र तक ही सीमित रहकर नहीं देखना चाहिए। यह हर क्षेत्र में जरूरी है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के जीवनी से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने कहा कि हर इंसान एक लीडर होता है। इस देश में लोग दूसरे को देख कर उसका फॉलोवर बनने की कोशिश करते हैं लेकिन अपने अंदर झांक कर नहीं देखना चाहते।
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कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ले. जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सही लीडरशिप का होना जरूरी होता है। जो नेतृत्व करना जानता है, वह कभी असफल नहीं हो सकता है। हसनैन ने युवाओं को नेतृत्व विकास के बारे में जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त कुलसचिव मयंक नारायण सिंह ने काशी मंथन के उद्देश्य के बारे में बताया। अतिथियों का स्वागत प्रो. दिनेश चंद्र राय ने किया। कार्यक्रम में डॉ. नेहा पांडेय, डॉ. धीरेंद्र राय, प्रो. कल्याण घड़ेई, चंद्राली मुखर्जी, डॉ. सुमिल तिवारी आदि मौजूद रहे।