{"_id":"5bf5c306bdec2269442418c3","slug":"141542832902-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्ष में एक दिन संत समाज के लिए घोषित हो : ओंकारानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्ष में एक दिन संत समाज के लिए घोषित हो : ओंकारानंद
Updated Thu, 22 Nov 2018 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। केन्द्र सरकार काशी को पुण्य नगरी घोषित करने व वर्ष में एक दिन गुरू पूर्णिमा को ही संत समाज के लिए दिन घोषित किया जाए। यह बातें बुधवार को दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पांडिचेरी ओंकार आश्रम के ओंकारानंद महाराज ने कहीं। उन्होंने बताया कि काशी एक पौराणिक व धार्मिक नगरी है जिसका वर्णन शब्दों से नहीं किया जा सकता है।
स्वामी ओंकारानंद महाराज ने बताया कि दो माह पहले अपने आश्रम से एक पत्र यूएनओ को भी भेजकर मांग की गई है कि भारत को धर्मदेश घोषित किया जाए। साथ ही अब पीएमओ को भी पत्र लिखकर यह मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि काशी में दक्षिण भारतीय लोगों की काशी से अधिक निष्ठा है। जिस तरह अमृतसर व हरिद्वार में धार्मिक स्थल के आसपास के एक किलोमीटर के स्थान को धर्मस्थल घोषित किया जा चुका है। उस तरह काशी में भी होेना चाहिए। इस दौरान मठ प्रमुख स्वामी कोटेश्वरानंद महाराज, एस करूनाकरन, जे रामकृष्णा, सत्या सिवकुमरन, ओम ज्ञानेश्वरी आदि दर्जनों भक्तगण उपस्थित रहे।
विज्ञापन
स्वामी ओंकारानंद महाराज ने बताया कि दो माह पहले अपने आश्रम से एक पत्र यूएनओ को भी भेजकर मांग की गई है कि भारत को धर्मदेश घोषित किया जाए। साथ ही अब पीएमओ को भी पत्र लिखकर यह मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि काशी में दक्षिण भारतीय लोगों की काशी से अधिक निष्ठा है। जिस तरह अमृतसर व हरिद्वार में धार्मिक स्थल के आसपास के एक किलोमीटर के स्थान को धर्मस्थल घोषित किया जा चुका है। उस तरह काशी में भी होेना चाहिए। इस दौरान मठ प्रमुख स्वामी कोटेश्वरानंद महाराज, एस करूनाकरन, जे रामकृष्णा, सत्या सिवकुमरन, ओम ज्ञानेश्वरी आदि दर्जनों भक्तगण उपस्थित रहे।
विज्ञापन